Sudhir Sharma Targets Sukhu Over Dharamshala Development : शिमला। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के धर्मशाला दौरे को लेकर निशाना साधते हुए विकास परियोजनाओं का राजनीतिक श्रेय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आइस स्केटिंग रिंक, रोलर स्केटिंग रिंक और अन्य परियोजनाओं के लिए बजट का प्रावधान पूर्व सरकार के कार्यकाल में किया गया था। सुधीर शर्मा ने केंद्रीय विश्वविद्यालय, बस अड्डे, आईटी पार्क, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और धर्मशाला-मैक्लोडगंज सड़क की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से अधूरी परियोजनाओं, विकास कार्यों में देरी और युवाओं के रोजगार व स्वरोजगार के मुद्दे पर जवाब मांगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास अपने लिए आलीशान कार्यालय बनाने , हेलीकॉप्टर और प्राइवेट जेट से यात्राओं पर खर्च करने के लिए धन उपलब्ध है, लेकिन धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों को गति देने के लिए पैसे नहीं हैं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश के करदाताओं के पैसे के उपयोग और विकास परियोजनाओं की प्राथमिकताओं पर जवाब देना चाहिए। बस अड्डे व आईटी पार्क के विकास कार्यों की अनदेखी सुधीर शर्मा ने धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन बस अड्डे और चेतड़ू में बने आईटी पार्क की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के लिए उनके कार्यकाल में बजट का प्रावधान किया गया था, लेकिन आज बस अड्डे की स्थिति दयनीय बनी हुई है और चेतड़ू आईटी पार्क पर ताला लटका है।
इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में प्रस्तावित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की वर्तमान स्थिति किसी से छिपी नहीं है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा उपलब्ध करवाए गए धन का भी प्रदेश सरकार समुचित उपयोग नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यशैली के कारण धर्मशाला क्षेत्र की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
धर्मशाला-मैक्लोडगंज सड़क और बाहल पुल की स्थिति पर चिंता सुधीर शर्मा ने धर्मशाला-मैक्लोडगंज सड़क की खस्ताहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी दशा सुधारने के लिए सरकार की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने सराह गांव से बाहल गांव को जोड़ने वाले पुल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पुल बह जाने के बावजूद इसके पुनर्निर्माण को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि इसके लिए नाबार्ड के माध्यम से बजट का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में देरी से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है मुख्यमंत्री के पास अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए कुछ नहीं : सुधीर शर्मा सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्हें ‘कोयलपंथी नीति मुख्यमंत्री’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोयल अपना घोंसला स्वयं नहीं बनाती और दूसरे पक्षियों के घोंसले में अंडे देती है, उसी प्रकार मुख्यमंत्री भी पूर्व सरकारों के कार्यकाल में स्वीकृत योजनाओं और केंद्र प्रायोजित परियोजनाओं का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब सरकार की कार्यशैली को समझ चुकी है। धर्मशाला सहित पूरे प्रदेश में विकास कार्यों की गति, अधूरी परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर जनता के मन में सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनहित के मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान देने के बजाय राजनीतिक प्रचार को प्राथमिकता दे रही है। रोजगार और स्वरोजगार पर स्थिति स्पष्ट करें मुख्यमंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के युवाओं के साथ रोजगार और स्वरोजगार को लेकर विश्वासघात किया है और इस विषय पर विधानसभा और विधानसभा के बाहर बार बार झूठे आंकड़े दिए हैं।

