शिमला। किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना में हिमाचल के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 17 वर्षों से किशाऊ परियोजना को लेकर प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन यह काम आगे नहीं बढ़ पाया। पूर्व जयराम सरकार के कार्यकाल में परियोजना के लिए बिजली के बदले भुगतान करने पर सहमति दी गई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट कर दिया कि परियोजना को हिमाचल की शर्तों और प्रदेशहित के अनुरूप ही आगे बढ़ाया जाएगा।
नरेश चौहान ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना टौंस नदी पर प्रस्तावित है और इसके बनने से हिमाचल प्रदेश को 221 मेगावाट निशुल्क बिजली का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मजबूती के साथ हिमाचल के हितों की पैरवी की और प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश को अपने हित में महत्वपूर्ण लाभ हासिल हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस उपलब्धि के लिए बधाई का पात्र बताया।
केएनएच शिफ्टिंग पर बोले नरेश चौहान
कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) को आईजीएमसी में शिफ्ट करने के फैसले को लेकर हो रहे विरोध पर नरेश चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह निर्णय आने वाले समय की जरूरतों और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया है।
उन्होंने कहा कि केएनएच अस्पताल आईजीएमसी के तहत ही आता है। कई बार छोटे बच्चों को उपचार के दौरान ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, जब उन्हें आईजीएमसी ले जाना पड़ता है। ऐसे में दोनों संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय और स्वास्थ्य सुविधाओं को एक जगह उपलब्ध करवाने की जरूरत महसूस की गई है।
नरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि अस्पताल की शिफ्टिंग का फैसला किसी व्यक्ति विशेष के फायदे के लिए नहीं लिया जा रहा है। यह निर्णय व्यापक जनहित, भविष्य की आवश्यकताओं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की जनता को बेहतर, आधुनिक और सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
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