Last Updated: October 14, 2026

Dainik Savera Times Logo

कुंजुंम टनल बनाएगी सरकार, पहले होगा सर्वेः मुख्यमंत्री

October 14, 2026

कुंजुंम टनल बनाएगी सरकार, पहले होगा सर्वेः मुख्यमंत्री

शिमलाः मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुंजुम पास के नीचे टनल निर्माण के लिए सर्वे करवाने तथा इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस टनल के निर्माण के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है और इसके निर्माण से क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों को वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित करने की घोषणा करते हुए कहा कि काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने काजा में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे करवाने का आश्वासन भी दिया, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने दो दिवसीय प्रवास पर स्पीति घाटी के काजा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में स्पीति के विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन का कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिस पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्पीति के लोगों की आय दोगुनी करने की दिशा में प्रयासरत है।

सुक्खू ने कहा कि जब वह पहली बार 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र में आए थे, तब स्थानीय लोगों ने बिजली की समस्या उनके समक्ष रखी थी। अब इस दिशा में किए गए प्रयास धरातल पर उतरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का लगभग 42 प्रतिशत भू-भाग शीत मरुस्थलीय क्षेत्र में आता है और इन क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के विकास के लिए सरकार विशेष ध्यान दे रही है तथा अधिक धनराशि खर्च की जा रही है।

कर्मचारियों के कल्याण और पुरानी पेंशन योजना पर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने दिवाली के अवसर पर महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को आत्मसम्मान के साथ वृद्धावस्था में जीवन-यापन करने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई है तथा आने वाले समय में और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओपीएस लागू करने के कारण केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष मिलने वाले 1,600 करोड़ रुपये रोक दिए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रतिबिंबित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा प्रदेश सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए धन खर्च करने को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में केवल 35 प्रतिशत कर्मचारी उपलब्ध थे। वर्तमान सरकार के प्रयासों से यह संख्या बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद क्रिटिकल केयर ब्लॉक का कार्य शुरू करवाया। आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना में वर्ष 2023-27 के बीच प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 26 करोड़ रुपये हैं लेकिन इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य ने लगभग 204 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के लोगों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का इलाज करवाने के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता था। वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से धनराशि खर्च की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद करके राज्य सरकार ने 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वह क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के राजनीतिक भविष्य को प्रदेश की जनता तय करेगी। उन्होंने उप-चुनाव में लाहौल-स्पीति की जनता द्वारा महिला विधायक को चुनने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह आज क्षेत्र के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा कि नौ विधायकों को अपने पक्ष में करके हिमाचल प्रदेश की सरकार गिराने का प्रयास किया गया था, लेकिन भगवान, जनता और प्रदेश के देवी-देवताओं के आशीर्वाद से राज्य सरकार सफलतापूर्वक कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की शुरुआत भी स्पीति की महिलाओं से की थी। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली तथा प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का बीमा उपलब्ध करवाने का प्रावधान होगा।

विधायक अनुराधा राणा ने क्षेत्र में क्रियान्वित किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 15 अप्रैल, 2023 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी घोषणाओं को पूरा कर दिया गया है। बौद्ध संस्कृति की यह धरती करुणा और प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आम आदमी की समस्याओं को समझते हैं, क्योंकि वह स्वयं संघर्ष के रास्ते से आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री क्षेत्र में अगले दो-तीन वर्षों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत हैं। पहले क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी थी, लेकिन अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और क्षेत्र को 12 वर्षों बाद खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) मिला है। विधायक ने नौतोड़ के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रही है और राज्य सरकार लगातार राज्यपाल के समक्ष इस विषय को उठा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्पीति में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास कर रही है। क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये की लागत से आइस हॉकी ग्राउंड तथा आठ करोड़ रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, स्टार गेजिंग की शुरुआत की गई है और शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दोरजे लारजे, पंचायत समिति अध्यक्ष छेरिंग डोलमा, उपाध्यक्ष महिंद्र, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष छेरिंग और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें