अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे कथित विवाद ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। इसी मुद्दे के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने मंत्रिमंडल और कांग्रेस विधायकों के साथ पैदल मार्च करते हुए शिमला के ऐतिहासिक राम मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान श्रीराम की विधिवत पूजा-अर्चना की, हवन में भाग लिया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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आस्था और भक्ति पर दिया जोर
मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों ने मंदिर में भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया, श्रीराम की प्रतिमा का अभिषेक किया, मंदिर की परिक्रमा की और हवन में आहुति अर्पित की। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यदि चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल धन का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से सहयोग राशि एकत्र की जा रही थी, तब उन्होंने विधायक रहते हुए अपनी श्रद्धा के अनुसार योगदान दिया था। साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूरे दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।
रामो विग्रहवान् धर्मः साधुः सत्य पराक्रमः।
राजा सर्वस्य लोकस्य देवानाम् इव वासवः॥प्रभु श्रीराम मंदिर, अयोध्या में चढ़ावे और आभूषणों से जुड़ी चोरी की खबरों से आहत होकर आज शिमला स्थित पावन श्रीराम मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा प्रभु से सत्य, न्याय एवं धर्म की रक्षा की प्रार्थना… pic.twitter.com/JvJ9XIbT2B
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) July 7, 2026
भाजपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने कहा कि सच्चे श्रद्धालु भगवान के नाम पर राजनीति नहीं करते। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि आस्था को ठेस पहुंचाने वालों को सद्बुद्धि मिले।
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