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NHPC और HPPCL की लापरवाही से तलाड़ा पंचायत को हो रहा नुकसान

कुल्लू: जिले के उप मंडल बंजार के तहत आने वाली ग्राम पंचायत तलाडा में अब नदी के बहने के चलते नुकसान हो रहा है और 20 घरों के गिरने के भी आशंका बनी हुई है। ऐसे में जिला प्रशासन एनएचपीसी और एचपीपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश जारी करें। ताकि नदी के किनारे भी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा सके। इसी मुद्दे को लेकर ग्राम पंचायत तलाडा के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कुल्लू में डीसी तोरूल एस रवीश से मिला।

तलाडा पंचायत के प्रधान सुभाष ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2023 में हुई बरसात के कारण और एनएचपीसी एवं एचपीपीसीएल की लापरवाही के कारण ग्राम पंचायत तलाडा को लगातार नुकसान हो रहा है। क्योंकि गांव सपांगणी, श्याउमा के सामने एनएचपीसी की कालोनी बनाई है। कालोनी की सुरक्षा के लिए क्रेटवायर कंकरीट लगाई गई है। जिसके कारण बारिश का पानी का बहाव ग्राम पंचायत तलाडा की तरफ आ रहा है तथा नुकसान कर रहा है।

ज्यादा मात्रा में पानी इकटठा होने के कारण जमीन धंस रही है और गांव सारी, तलाडा, सपांगणी, धारा, खनीनी, न्यूल, कठायईयर, दुराईडा आदि गांव के लगभग 20 से ऊपर मकानों में दरारें आ रही है व लगातार धंस रहे हैं। जिस कारण मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि एक तरफ दरिया का पानी कटाव कर रहा है तथा दूसरी तरफ सपांगणी गांव के सामने एनएचपीसी की टनल सालों से लीक कर रही है। जिस कारण पानी बढ़ रहा है तथा चट्टाने/पत्थर भी नीचे गिर रहे हैं।

वही, लीकेज के कारण टनल फटने का खतरा बना हुआ है जिससे पूरे पहाड़ पर ही खतरा मंडरा रहा है। सुभाष ठाकुर ने कहा कि भविष्य में अगर ऐसा होता है तो पूरी पंचायत को इससे नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी अपनी कालोनियों को सुरक्षित कर रही है लेकिन ग्राम पंचायत तलाड़ा को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत तलाड़ा की समस्त जनता ने मौखिक तथा लिखित रूप से एनएचपीसी को कई बार इस बारे आगाह कर चुकी है कि ग्राम पंचायत तलाडा, तलाड़ा पम्प से लेकर गौहरू देवते तक खतरे वाले भिन्न-भिन्न स्थानों पर कंकरीट एवं क्रेट वायर लगाए जाएं।

ताकि भू-स्खलन वाली जमीन को बचाया जा सके। लेकिन एनएचपीसी इसमें लापरवाह बनी हुई है तथा खतरे को नजरअंदाज कर रही है। जिस कारण जनता आक्रोश में है। अगर समय रहते इस बारे ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में जान-माल की हानि हो सकती है। ऐसे में जल्द से जल्द गांव की तरफ भी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाना चाहिए।

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