
कुल्लूः टेट प्रभावित शिक्षा मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा जी से मुलाकात कर देशभर के इन-सर्विस शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से राहत प्रदान करने तथा इस संबंध में अध्यादेश लाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
मंत्री जी ने सारी बातें पूरे ध्यान से सुनी और मोर्चे को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। मोर्चा ने मंत्री जी के समक्ष शिक्षकों की समस्याओं को रखते हुए कहा कि देशभर में लगभग 25 लाख शिक्षक इस निर्णय से प्रभावित हो रहे हैं।
मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन भर्ती नियमों, निर्धारित योग्यता एवं सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद हुई थी। शिक्षकों ने अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर वर्षों तक देश के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के लिए अब TET अनिवार्य किया जाना अनेक व्यावहारिक और मानवीय समस्याएं पैदा कर रहा है।
25 से 30 वर्षों की सेवा के बाद TET की अनिवार्यता पर उठाए सवाल
मोर्चा ने कहा कि अनेक शिक्षक पिछले 25 से 30 वर्षों से शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनमें से बहुत से शिक्षक सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके हैं। ऐसे में इस पड़ाव पर उन्हें दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के दायरे में लाना उनके सम्मान, आत्मविश्वास और वर्षों की सेवा के प्रति उचित मूल्यांकन से जुड़ा गंभीर विषय है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय लागू सभी नियमों और शर्तों का पालन किया था। इसलिए लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के मामले में उनकी सेवा अवधि, अनुभव और नियुक्ति के समय लागू नियमों को ध्यान में रखते हुए उचित राहत प्रदान की जाए। प्रतिनिधिमंडल में हितेंद्र साहसी,हरमेश लाल शर्मा,हरि सिंह ठाकुर,दिनेश कुमार,खेम दास महंत,मनोहर शर्मा,गुरदेव ठाकुर, प्रेम ठाकुर,पवन शर्मा आदि मौजूद रहे।
📍 Location: Kullu (Kullu)
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