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रणधीर शर्मा का हमला : कांग्रेस सरकार कर्मचारी ही नहीं, महिला विरोधी भी

The government is anti-employee and anti-women : शिमला। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर कर्मचारियों और महिला कर्मियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की प्रथम बटालियन जूंगा के “हार्मोनी ऑफ द पाइंस” ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से जुड़ा विवाद सरकार की कर्मचारी और महिला विरोधी नीतियों का स्पष्ट उदाहरण है, जिसमें कर्मचारियों और महिला कांस्टेबलों के साथ कथित तौर पर अन्याय किया जा रहा है।

महिला कांस्टेबलों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं

रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार ने पहले ऑर्केस्ट्रा ग्रुप के इंस्पेक्टर विजय कुमार को बिना आरोपों की निष्पक्ष जांच किए ही निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले तथ्यों की जांच होना न्याय का मूल सिद्धांत है, लेकिन सरकार ने इस मामले में जल्दबाजी और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि अब इसी ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में कार्यरत दो महिला कांस्टेबल दीपिका ठाकुर और कृतिका को भी कथित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। हाल ही में एक स्थानीय गायक गोपी जैक्स द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में दोनों महिला कांस्टेबलों के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसके बाद दोनों महिला कांस्टेबलों ने महिला पुलिस थाना, शिमला में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन अब तक उस शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

महिला सुरक्षा पर सरकार घिरी : रणधीर

रणधीर शर्मा ने कहा कि शिकायत में स्थानीय गायक के साथ-साथ प्रथम बटालियन के कमांडेंट भूपेंद्र नेगी का भी नाम शामिल है। शिकायत के अनुसार दोनों महिला कर्मचारियों पर लगातार दबाव बनाया गया, जिससे वे मानसिक तनाव का शिकार हुईं। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि महिला कांस्टेबल दीपिका ठाकुर को अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ा, फिर भी सरकार और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिला कर्मचारियों की शिकायत पर भी सरकार एफआईआर दर्ज नहीं करा पा रही है, तो यह कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। भाजपा इस पूरे प्रकरण की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि शिकायत के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू की जाए तथा इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके पद, प्रभाव या राजनीतिक संरक्षण की परवाह किए बिना सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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