
शिमला (The IGMC incident): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आईजीएमसी में हाल ही में हुई घटना की पुन: जांच के लिए नई समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मरीजों के साथ किसी भी तरह का र्दुव्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने शिमला में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में नैतिकता और संवेदनशीलता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए चिकित्सकों के लिए अनिवार्य ‘ह्यूमन बिहेवियर’ और ‘मैन-मैनेजमेंट’ कोर्स शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि मरीजों के साथ अच्छे व्यवहार को चिकित्सकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में शामिल किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई मरीज या तीमारदार चिकित्सकों के साथ र्दुव्यवहार करता है तो इसकी सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है, ताकि स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्य का अनावश्यक मानसिक दबाव न पड़े। अब तक सैकड़ों पद भरे जा चुके हैं और आने वाले समय में और भर्तियां की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षित और विशेषज्ञ चिकित्सकों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने पर सरकार विचार कर रही है, ताकि सार्वजनिक चिकित्सा संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत किया जा सके। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, स्वास्थ्य सचिव संदीप कदम, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. राकेश शर्मा, स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी शर्मा, जितेंद्र सांजटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।