हमीरपुर: डीआईजी विजिलेंस जी. शिवकुमार ने शनिवार को भंग कर्मचारी चयन आयोग पेपर घोटाले मामले में दर्ज अब तक तीन एफआईआर को लेकर चल रही जांच की जानकारी लेने के लिए जिलामुख्यालय पहुंचे। डीआईजी विजिलेंस ने मीडिया से रू-ब-रू होते हुए कहा कि भर्ती के लिए 22 कोड जांच के घेरे में हैं। उन्होंने कहा कि भंग किए गए कर्मचारी चयन आयोग के सचिव की गिरफ्तारी जांच अधिकारी के ऊपर निर्भर है। उन्होंने कहा कि पीसी एक्ट की धारा 17 ए के तहत गिरफ्तारी की परमिशन मिल चुकी है और भंग कर्मचारी चयन आयोग के सचिव को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है।
इसके अलावा और भी कई निजी शिकायतों पर जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि अभिषेक जैन जांच कमेटी की रिपोर्ट जमा हो गई है। उन्होंने कहा कि सचिव की निश्चित तौर पर जिम्मवारी बनती है क्योंकि वही परीक्षा नियंत्रक, सचिव और प्रशासनिक मुखिया थे। सभी लीक हुए पेपर भी उनके पास ही थे। एक सवाल के जबाव में डीआईजी विजिलेंस ने कहा कि पूर्व में हुई परीक्षाओं के रिजल्ट जारी करना या ना करना सरकार पर निर्भर है। नियुक्तियां बारे निर्णय भी सरकार को ही करना है।
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