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आपदा पर रिपोर्टिग करते समय मीडिया सतर्क रहे और सनसनी से बचे

सोलन: भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा बुधवार को सोलन में आपदा प्रबंधन, पोषण अभियान, बागवानी, महिला सशक्तिकरण विषयों पर मीडिया कार्यशाला वार्तालाप का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन के विभिन्न आयामों पर सरकार और चौथे स्तंभ के बीच सार्थक संवाद और विचारों के उपयोगी आदान-प्रदान को बढ़ावा देना था। वार्तालाप का शुभारंभ डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने किया। मीडिया को संबोधित करते हुए डीसी ने कहा कि आपदा प्रबंधन एक ऐसा क्षेत्र है, जो मीडिया के समाचारों में सनसनीखेज होने के कारण अनावश्यक रूप से प्रभावित हो सकता है। उपायुक्त ने बताया कि मीडिया के कारण ही बड़ी से बड़ी आपदा से निपटने और उसके प्रबंधन में मदद मिलती है।

इस मौके पर एडीसी सोलन राहुल जैन ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के लागू होने के बाद हिमाचल में कई आपदाएं आई हैं लेकिन जानमाल के नुकसान में काफी कमी आई है। जैन ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा युवा स्वयंसेवकों की 2000 टास्क फोर्स को प्रशिक्षित किया गया है इसके अलावा 200 आपदा मित्रों को भी प्रशिक्षित किया गया है। बागवानी विभाग सोलन की उप निदेशक डा. शैफाली ठाकुर ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत जिले में विभिन्न फलों सब्जियों और फूलों की किस्मों को आजमाया जा रहा है ताकि सेब पर निर्भरता कम की जा सके।

इसके अलावा पॉली हाउस और ग्रीन हाउस के माध्यम से संरक्षित खेती एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है एवं मशीनीकरण और सप्लाई चेन भी विकसित की जा रही है। शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डा. निशा कपूर ने बताया कि स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रलय की एक ऐतिहासिक पहल है जिसका उद्देश्य पहुंच, गुणवत्ता देखभाल और जागरूकता में सुधार पर ध्यान देने के साथ देश में महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है।

उन्होंने कहा कि मीडिया की भागीदारी से इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। सोलन के महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यक्रम अधिकारी पदम देव शर्मा ने बताया कि पोषण अभियान, एक ऐसा मिशन है, जिसके उदेश्य छह साल से कम उम्र के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को लक्षित करते हुए, तकनीक-संचालित, समुदाय-केंद्रित विचारधारा के जरिए कुपोषण की समस्या का समाधान करना है।

इससे पहले पीआईबी शिमला के सहायक निदेशक संजीव शर्मा ने वार्तालाप के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वार्तालाप जन कल्याण योजनाओं को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास है। इस मौके पर पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी अहमद खान ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रलय के विभिन्न विभागों एवं इकाइयों के कामकाज पर प्रस्तुतिकरण दिया। खान ने कार्यक्रम का संचालन किया और धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यशाला में सोलन जिला की सहायक कमिश्नर नीरजा शर्मा भी मौजूद थी। वहीं सोलन जिला के पत्रकारों एवं शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी सक्रियता से भाग लिया।

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