हमीरपुर : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने दिल्ली स्थित आंबेडकर इंटरनैशनल सेंटर में आयोजित ‘हिम मिलन’ कार्यक्र म में हिमाचल प्रदेश से जुड़े प्रवासी गणमान्यों से मुलाकात की और प्रदेश के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना विकसित हिमाचल के बिना अधूरी है और इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का समन्वित प्रयास आवश्यक है। कार्यक्र म के दौरान अनुराग ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि हिमाचल की धरती सदैव से वीरों की भूमि रही है।
यहां के युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का भाव स्वाभाविक रूप से विद्यमान है। उन्होंने कारगिल युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि इस युद्ध में हिमाचल के जवानों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए न केवल पाकिस्तान बल्कि पूरे विश्व को अपनी वीरता से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 वीर सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में हिमाचल के दो वीरों कैप्टन विक्र म बत्र और राइफलमैन संजय कुमार को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। इन दोनों के सम्मान से प्रदेश को कुल चार परमवीर चक्र प्राप्त होने का गौरव मिला है।
इसके अलावा हिमाचल के अनेक सैनिकों को महावीर चक्र , वीर चक्र , अशोक चक्र और शौर्य चक्र जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है, जिससे प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा है। प्रदेश के विकास पर चर्चा करते हुए सांसद ने कहा कि समावेशी विकास तभी संभव है जब केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार भी सकारात्मक और सक्रि य भूमिका निभाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के शासनकाल में प्रदेश में ‘उधार से उद्धार’ की नीति अपनाई जा रही है। कर्ज के सहारे शासन चलाने की प्रवृत्ति के कारण हिमाचल प्रदेश पर एक लाख करोड़ रु पए से अधिक का कर्ज हो चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनावों के दौरान कई वादे किए थे, जो अब तक पूरे नहीं हुए हैं।