शिमला: राजधानी शिमला के साथ लगते खालिनी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होती नजर आ रही है। यहां मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय के समीप जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे क्षेत्र में गंदगी का आलम बना हुआ है। कूड़े के ढेर नगर निगम शिमला की सफाई व्यवस्था और डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना के दावों की भी पोल खोल रहे हैं।
क्षेत्र में खुले में पड़े कूड़े के ढेरों के कारण स्थानीय लोगों और यहां से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कूड़े के ढेरों पर आवारा कुत्ते मंडराते रहते हैं और खाने की तलाश में कूड़े को इधर-उधर बिखेर देते हैं। इससे सड़क और आसपास के क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। कूड़ा खुले में पड़ा रहने से उठने वाली दुर्गंध के कारण भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम शिमला की ओर से शहर में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन व्यवस्था लागू होने के बावजूद इस तरह खुले में कूड़े के ढेर लगना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि समय पर कूड़े का उठान नहीं होगा तो सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे कैसे पूरे होंगे।
खुले में पड़े कूड़े से मक्खी-मच्छर पनपने और संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में क्षेत्र में बीमारियां फैलने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय के समीप लगे कूड़े के ढेरों को जल्द हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि खालिनी क्षेत्र को गंदगी से निजात मिल सके।
📍 Location: शिमला (शिमला)

