शिमला/धर्मशाला: धौलाधार की तलहटी में बसे तपोवन में बुधवार से राजनीतिक तपिश चरम पर रहने वाली है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है और सत्र शुरू होने से पहले ही पक्ष और विपक्ष ने अपनी-अपनी रणनीतियां तय कर ली हैं। भाजपा विधायक दल शिमला में बैठकें कर मुद्दों पर मंथन कर चुका है, वहीं कांग्रेस के विधायक धर्मशाला पहुंचकर विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में सत्र गरम होने के पूरे आसार हैं। विपक्ष सरकार के तीन साल के जश्न को बड़ा मुद्दा बनाकर सदन में सवाल खड़ा करेगा।
भाजपा का आरोप है कि आपदा के घाव अभी भी ताजा हैं और सरकार जश्न मनाने में व्यस्त है। दूसरी ओर कांग्रेस 1500 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री घोषणा को सदन में उठाने जा रही है, जिसके अब तक जारी न होने पर सत्तापक्ष भाजपा को कटघरे में खड़ा करेगा। विपक्ष सत्ता में आने से पहले किए गए वादों पर सरकार से जवाब मांगेगा, जबकि सरकार बताएगी कि तीन साल में कौन-कौन से फैसलों का असर जमीन पर दिख रहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस भी चर्चा में रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा किसानों को दूध का समर्थन मूल्य, फसलों पर सब्सिडी और बेहतर मंडियों की उपलब्धता जैसे फैसलों को सत्तापक्ष अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करेगा। वहीं, भाजपा स्कूलों के बंद होने, अस्पतालों में स्टाफ की कमी और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयार है। धर्मशाला में इस बार का शीतकालीन सत्र कई मायनों में अहम है। यह इतिहास का सबसे लंबा सत्र है, जिसमें कुल आठ बैठकें होंगी।
नवंबर में सत्र आयोजित होने का यह पहला मौका है, जबकि पहले दिसंबर के अंत या जनवरी में ही सत्र होता था। पूरा मंत्रिमंडल और सरकार 5 दिसंबर तक यहीं से काम करेगी। कैबिनेट ने कई निर्णय लिए हैं जिनके आदेश भी धर्मशाला से ही जारी होंगे। आपदा राहत एक बड़ा मुद्दा रहेगा, जिस पर दोनों तरफ से तीखे हमले होने तय हैं। भाजपा का आरोप है कि राहत सही लोगों तक नहीं पहुंच रही, जबकि सत्तापक्ष केंद्र से मदद न मिलने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराता है। सत्र के बीच 30 नवंबर को मुख्यमंत्री, मंत्री और कई विधायक शिमला जाएंगे, जहां कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार पदभार ग्रहण करेंगे। कुल मिलाकर आने वाले आठ दिन तपोवन में गर्म राजनीतिक बहसों का केंद्र बनेंगे और सदन से लेकर गलियारों तक सियासत चरम पर रहेगी।
ये भी पढ़ें- आंखों में नमी, मुस्कान में सुकून… सासू मां की दी साड़ी में दुल्हन बनीं रश्मिका मंदाना

