Last Updated: September 22, 2026

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रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं, युवाओं को आगे आने की जरूरत: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता

August 2, 2026

रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं, युवाओं को आगे आने की जरूरत: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता

 

Blood Donation, शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज नागरिकों, विशेषकर युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अमूल्य मानव जीवन बचाने से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान ने भले ही उल्लेखनीय प्रगति की हो, लेकिन आज भी मानव रक्त का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सेवा का एक श्रेष्ठ और अनिवार्य कार्य है।

राज्यपाल आज शिमला स्थित लोक भवन में नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (एनआईएफए) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह संवेदना-2 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और व्यक्तियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी लोगों को नशा मुक्त भारत की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का जन-आंदोलन है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भारत को नशे की बुराई से मुक्त बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

राज्यपाल ने मानव सेवा की दिशा में किए जा रहे एनआईएफए के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण, युवा जागरण और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने एनआईएफए के देशव्यापी स्वैच्छिक रक्तदान अभियान संवेदना की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि इस अभियान के तहत देशभर में हजारों रक्तदान शिविर आयोजित किए गए हैं तथा कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अनेक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।

उन्होंने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान उन्हें समाज सेवा के कार्यों में और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के युवाओं तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों द्वारा प्रदेशभर में रक्तदान शिविरों के आयोजन में निभाई जा रही सक्रिय भूमिका की भी सराहना की।

राज्यपाल ने दिल्ली में हाल ही में हुए जेन-ज़ी आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक प्रेरणा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्व ऐसे अवसरों का उपयोग अपनी स्वार्थ सिद्धि करने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं से अनेक उम्मीदें है और उनका विश्वास है कि यदि भारत का युवा अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय हित में लगाएगा, तो भारत निश्चित रूप से एक विकसित राष्ट्र बनेगा।

इस अवसर पर एनआईएफए के संस्थापक अध्यक्ष सरदार प्रीतपाल सिंह पन्नू ने कहा कि लगभग 25 वर्ष पूर्व इस संगठन की स्थापना मात्र सात लोगों द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में एनआईएफए को देश के सर्वश्रेष्ठ युवा संगठन के रूप में राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान के अलावा संगठन ने विभिन्न सामाजिक विषयों पर भी अनेक बड़े कार्यक्रम आयोजित किए हैं। वर्तमान में देश के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 7,000 युवा स्वयंसेवक एनआईएफए से जुड़े हुए हैं, जो समाज कल्याण और राष्ट्रीय एकता के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र एकता एवं अखंडता को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वयं को समर्पित करने का आह्वान किया।

एनआईएफए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अश्विनी शेट्टी ने राज्यपाल का स्वागत किया। एनआईएफए हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष तरुण धीमान ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, एनआईएफए के राष्ट्रीय महासचिव ब्रह्म स्वरूप शर्मा, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष श्रवण शर्मा, चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष राकेश संगर, प्रदेश सचिव हिमांशी नाथ, वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड के प्रतिनिधि संजय पंजवानी, रक्तदान के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, समाजसेवी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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