Last Updated: October 1, 2026

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कृषि में रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन तकनीक के उपयोग पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

October 1, 2026

कृषि में रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन तकनीक के उपयोग पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

सुंदरनगर: कृषक प्रशिक्षण केन्द्र, सुंदरनगर में कृषि विभाग, हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से “कृषि में रिमोट सेंसिंग (दूरसंवेदन) एवं ड्रोन तकनीक का उपयोग” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर डॉ. नरेश कुमार रहे तथा इसमें कृषि विभाग, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत 19 कृषि अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक ज्ञान से अवगत करवाना तथा कृषि में फसल निगरानी, संसाधन प्रबंधन एवं तकनीक आधारित कार्यों के लिए उनकी क्षमता का विकास करना था।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश बंसल एवं उप-प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश जंजीहा ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। डॉ. जंजीहा ने कृषि में रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन तकनीक की उपयोगिता और भूमिका पर जानकारी दी। प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने इन तकनीकों के इतिहास, विकास एवं मूलभूत सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। संसाधन व्यक्ति डॉ. भुवनेश्वर ने रिमोट सेंसिंग के प्रमुख तत्वों, Google Earth के उपयोग तथा कृषि में इसके अनुप्रयोगों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फसलों की निगरानी तथा खेत, फसल एवं मिट्टी की स्थिति के आकलन में रिमोट सेंसिंग के उपयोग को व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया।

प्रशिक्षण के दौरान ईफ्फको के सहयोग से बीज गुणक फार्म, औहर, जिला बिलासपुर का भ्रमण करवाया गया। अधिकारियों को कृषि में ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक उपयोग एवं संचालन का प्रदर्शन करवाने के साथ-साथ ड्रोन चलाने का अभ्यास भी करवाया गया। अभिलाषी विश्वविद्यालय, चैल चौक, जिला मंडी के निदेशक (आईटी, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट) कुनाल सूद ने रिमोट सेंसिंग से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण एवं व्याख्या, इसके लाभ तथा कृषि में वेश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली (GPS) के अनुप्रयोगों के बारे में जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा कृषि विभाग में इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों एवं उनके समाधान पर चर्चा की। समापन अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश बंसल ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के लाभ एवं अनुभवों पर संवाद किया तथा सभी प्रतिभागियों, संसाधन व्यक्तियों एवं प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को प्रभावी ढंग से अपनाने पर बल दिया।

📍 Location: Mandi (Mandi)

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