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किन्नौर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

रिकांगपिओ : जनजातीय जिला किन्नौर में देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिला में हो रही बारिश के कारण जिला के नदी नाले उफान पर हैं जिससे जिले के कई हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाओं से हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने तथा नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। बारिश के कारण लिप्पा के पेजर नाले में आई अचानक भीषण बाढ़ से भारी मात्रा में मलबा तेती खड्ड में जमा हो गया।

इससे खड्ड का प्राकृतिक बहाव रुक गया और लिप्पा गांव को जोड़ने वाला करीब 100 फुट लंबा लोहे का वैली ब्रिज पूरी तरह पानी में डूब गया तथा पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण इसके कभी भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि दोपहर बाद जल स्तर थोड़ा कम हो गया तथा पानी व मलबा पुल को छूते हुए निकलने लगा। सुबह पुल बंद होने से लिप्पा गांव का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। वहीं, पुल के आसपास स्थित कई घरों के आंगन तक पानी पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल है।

वहीं, दूसरी तरफ बारिश का असर किन्नौर की जीवनरेखा माने जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर भी देखने को मिला जहां मालिंग नाला के समीप भारी भूस्खलन होने से पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात ठप हो गया। उधर, उपमंडल कल्पा की कामरू पंचायत के कुप्पा क्षेत्र में वीरवार सुबह पहाड़ी से अचानक भारी चट्टानें और मलबा गिरने लगा तथा जब पहाड़ी से चट्टानों के गिरने की आवाज आने लगी तो साथ के ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया, जिससे कुछ देर के लिए ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा हो गया।

हालांकि इस घटना से किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है परंतु इससे तीन मकानों, एक गोशाला तथा कुछ बगीचों को नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार सांगला मौके पर पहुंचे व स्थिति का जायजा लेकर प्रभावित 13 लोगों को सुरक्षित स्थान जीरा फार्म में स्थानांतरित कर दिया गया। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
वहीं डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में सुबह से लगातार बारिश जारी है और लिप्पा नाले में बाढ़ आने से 10-12 मकानों को खतरा हुआ है। मौके पर एडीएम पूह को भेजा है, प्रशासन पूरी स्तिथि पर नजर बनाये हुए है और जरूरत पड़ी तो लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा।

वहीं, तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह ने बताया कि पहाड़ी से चट्टानों के गिरने प्रभावित 13 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है तथा फार्म में प्रभावित परिवारों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी फिलहाल स्थिति सामान्य है।

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