Last Updated: October 7, 2026

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इस मानसून में हुई मूसलाधार बारिश से प्रदेश की 10,642 किलोमीटर सड़कें हुई चौपट

October 25, 2025

इस मानसून में हुई मूसलाधार बारिश से प्रदेश की 10,642 किलोमीटर सड़कें हुई चौपट

शिमला: मानसून सीजन में आसमान से बरसी आफत की मूसलाधार बारिश ने ऐसा तांडव मचाया कि पहाड़ी राज्य की भाग्य रेखाएं कहलाए जाने वाली हजारों किलोमीटर लंबी सड़कें मिट्टी में समा गईं जिससे कई गांव अब भी बाहरी दुनिया से कट हुए हैं। मानसून सीजन में हुई मूसलाधार बारिश से हिमाचल में 10,642 किलोमीटर सड़कों को नुकसान हुआ है। प्रदेश में 5004 किलोमीटर मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड में 1077 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई तो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 152 किलोमीटर तक सड़कों का भारी बारिश से नामोनिशान ही मिट गया।

पीडब्ल्यूडी की ओर से सरकार को रिपोर्ट भेजी गई है और भरपाई के लिए 3 हजार करोड़ से अधिक की दरकरार बताई गई है। हिमाचल में वर्तमान में सड़कों की कुल लंबाई 41,624 किलोमीटर है, इसमें नेशनल हाईवे को छोड़कर 39,102 किलोमीटर सड़कों में से मानसून में लगातार हुई बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों के कारण 10,642 किलोमीटर सड़क व्यवस्था की हालत बिगाड़ दी है। मानसून में लगातार हुई बारिश से कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं, तो कहीं पुल-पुलिया बह गए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

पीडब्ल्यूडी की ओर से सरकार को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 5004 किलोमीटर मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड में 1077 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई। 9565 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें भारी बारिश की भेंट चढ़ गईं तो प्रदेश भर में सड़कों से पानी की निकासी के लिए बनाए गए 2141 कलवर्ट को नुकसान पहुंचा है। वहीं, मानसून सीजन में आसमान से बारिश की रूप में बरसी आफत से 14 पुल बाढ़ में बह गए। वहीं, इस दौरान 86 पुलों को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में मानसून सीजन में हुई लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में 9565 किलोमीटर सड़कों को नुकसान पहुंचा है, इसमें 9413 किलोमीटर सड़कों को आंशिक/अधिक क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 152 किलोमीटर तक सड़कों का भारी बारिश से नामोनिशान ही मिट गया है।

इस दौरान शिमला जोन में 2561 किलोमीटर सड़कों को आंशिक/अधिक नुकसान पहुंचा है। वहीं, 20 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह से बह गई। मंडी जोन में 1904 किलोमीटर सड़कों को आंशिक/अधिक नुकसान हुआ है। इसी तरह से 113 किलोमीटर सड़क पूरी तरह से मिट्टी में समा गई हैं। कांगड़ा जोन में 3649 किलोमीटर सड़कें आंशिक/अधिक क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, 18 किलोमीटर सड़कें जमीन से ही गायब हो गई हैं। हमीरपुर जोन में 1297 किलोमीटर सड़कों को आंशिक/अधिक नुकसान पहुंचा है।

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