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Himachal: शिमला में पर्यटकों का सैलाब, 45 दिनों में पहुंचीं 15 लाख गाड़ियां

Shimla Tourist Rush

Shimla Tourist Rush

हिमाचल डेस्कः राजधानी शिमला में वाहनों की आवाजाही में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। 1 मई से 15 जून के बीच लगभग 15 लाख वाहन शिमला में प्रवेश कर चुके हैं। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए पुलिस ने भीड़भाड़ कम करने और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए व्यापक पांच-सूत्रीय यातायात प्रबंधन रणनीति लागू की है।

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शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के अनुसार, प्रशासन ने बढ़ती पर्यटक आवाजाही को देखते हुए यातायात प्रबंधन व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। उनका कहना है कि यदि शहर के प्रमुख बाधा बिंदुओं का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जाए, तो स्थिति नियंत्रण में बनी रह सकती है।

पर्यटकों की भीड़ संभालने के लिए पांच-सूत्रीय रणनीति

बढ़ते ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए शिमला पुलिस ने पांच-सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की है। इसमें अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, इंटरसेप्टर वाहनों और बाइक पेट्रोलिंग टीमों का उपयोग, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सेक्टर-वार निगरानी, वैकल्पिक मार्गों एवं सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना तथा पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए जागरूकता अभियान शामिल हैं। योजना के तहत प्रमुख स्थानों पर 210 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और होमगार्ड जवानों को तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है। प्रमुख पार्किंग स्थलों पर यातायात अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि वाहनों का प्रवेश और निकास व्यवस्थित रहे तथा भीड़भाड़ न हो।

शहर को पांच ट्रैफिक सेक्टरों में बांटा गया

निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए शिमला को पांच ट्रैफिक सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है, जो अपने क्षेत्र में यातायात संचालन और आपात स्थितियों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, बाइक-सवार यातायात कर्मियों की संख्या बढ़ाकर 32 कर दी गई है, जिससे जाम की स्थिति में तेजी से हस्तक्षेप किया जा सके। यातायात नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखने और कार्रवाई के लिए विभिन्न स्थानों पर इंटरसेप्टर वाहन भी तैनात किए गए हैं।

कार्ट रोड बनी हुई है सबसे बड़ी चुनौती

सभी व्यवस्थाओं के बावजूद, शिमला की प्रमुख यातायात धमनियों में से एक कार्ट रोड प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों के खराब होने से यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता है। सड़क के कई हिस्से सिंगल-लेन होने के कारण खराब वाहनों को हटाने में समय लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में तीन क्रेनें रणनीतिक रूप से तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को ही पांच वाहन खराब हो गए थे, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। इसके अलावा, अनधिकृत स्थानों पर रुकने वाली निजी बसें भी जाम की एक प्रमुख वजह हैं।

वैकल्पिक मार्गों के उपयोग पर जोर

शहर के भीतर यातायात दबाव कम करने के लिए पुलिस पर्यटकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दे रही है। कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर की ओर जाने वाले यात्रियों को शोघी-मेहली बाईपास मार्ग का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 800 वाहनों को इस मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे शहर के भीतर भीड़भाड़ कम हो रही है और यात्रियों का समय भी बच रहा है।

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा

निजी वाहनों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन सार्वजनिक परिवहन के उपयोग पर विशेष जोर दे रहा है। साझा यात्रा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ट्रैवलर्स और अन्य बड़े यात्री वाहनों को कार्ट रोड पर संचालित करने की अनुमति दी गई है। पुलिस का मानना है कि यदि अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, तो पर्यटन सीजन के दौरान ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

होटल बुकिंग से भी बढ़ी पर्यटक गतिविधियों का संकेत

राज्यभर के होटलों में बुकिंग के आंकड़े भी पर्यटकों की भारी आमद का संकेत दे रहे हैं। होटल कारोबारियों के अनुसार, सामान्य दिनों में औसत ऑक्यूपेंसी 60 से 70 प्रतिशत के बीच रही, जबकि सप्ताहांत में यह बढ़कर 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में भी पर्यटन गतिविधियां तेज बनी रहेंगी, जिसके चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।

हर गर्मी में क्यों बढ़ता है शिमला पर ट्रैफिक का दबाव?

विशेषज्ञों के अनुसार, शिमला की सड़क व्यवस्था मूल रूप से सीमित आबादी और कम वाहनों के लिए विकसित की गई थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन और निजी वाहनों की संख्या में तेज वृद्धि ने शहर की संकरी पहाड़ी सड़कों पर भारी दबाव डाल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में पर्यटन सीजन के दौरान बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत करना, पार्किंग सुविधाओं का विस्तार करना तथा बाईपास मार्गों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।

शिमला पुलिस ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित स्थानों पर ही वाहन पार्क करने तथा सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

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