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जल संरक्षण को जनभागीदारी से जन आंदोलन बनाने की जरूरत : मुकेश अग्निहोत्री

शिमला। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय जल सुरक्षा शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लिया। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। सम्मेलन में देश में जल सुरक्षा, जल संरक्षण, पेयजल व्यवस्था, जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और जल क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय में देश की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण, पेयजल योजनाओं को सुदृढ़ करना तथा जल संसाधनों का वैज्ञानिक और सतत प्रबंधन बेहद जरूरी है। उन्होंने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर व्यापक जन आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। विभिन्न राज्यों में जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे सफल प्रयासों और अनुभवों का आदान-प्रदान भी उपयोगी साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बदलती मौसमी परिस्थितियों के कारण जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में इनके संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने के साथ आधुनिक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल समय की आवश्यकता है।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार जल संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण, पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और उपलब्ध जल संसाधनों के सतत उपयोग की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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