Dainik Savera Times

त्रिलोकीनाथ में गूंजे लोकधुनों के सुर, पारंपरिक रंगों में सजा पोरी मेला; अनुराधा राणा ने किया भव्य शुभारंभ

लाहौल: जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर उपमंडल के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल त्रिलोकीनाथ में आयोजित राज्य स्तरीय पोरी मेले-2026 का आज भव्य शुभारंभ हुआ। मेले का शुभारंभ लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने किया। तीन दिवसीय इस पारंपरिक एवं सांस्कृतिक मेले का आगाज भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, सांस्कृतिक दलों तथा कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शोभायात्रा के दौरान स्थानीय लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर लाहौल-स्पीति की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं की मनमोहक झलक प्रस्तुत की। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से त्रिलोकीनाथ का पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में सराबोर हो गया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों ने भी भाग लिया।

मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में विधायक अनुराधा राणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं नायब तहसीलदार विनय रशपा ने स्थानीय पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार विधायक अनुराधा राणा व अन्य विशिष्ट अतिथियों का टोपी एवं खतग पहनाकर स्वागत किया।

सांस्कृतिक संध्या के दौरान स्थानीय कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। लोकगीतों, लोकनृत्यों तथा पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने लाहौल-स्पीति की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

पोरी मेला त्रिलोकीनाथ की धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति एवं सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। मेले का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों, कारीगरों एवं उत्पादकों को मंच प्रदान करना भी है। मेले के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय उत्पादों एवं पारंपरिक हस्तशिल्प को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक अनुराधा राणा ने क्षेत्रवासियों को पोरी मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक पहचान एवं पारंपरिक विरासत को संजोए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि त्रिलोकीनाथ का पोरी मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, कला एवं परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

मेले के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, मेला कमेटी के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सांस्कृतिक दलों के कलाकार, स्थानीय लोग तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक उपस्थित रहे। पोरी मेले के शुभारंभ के साथ ही त्रिलोकीनाथ में तीन दिवसीय उत्सव का रंगारंग आगाज हुआ।

📍 Location: लाहौल (Lahual)

Exit mobile version