कुल्लू: हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), कुल्लू के सहयोग से तथा Salesforce के सहयोग से बाल रक्षा भारत (Bal Raksha Bharat – Save the Children) द्वारा Climate Smart Resilient Community Project – Phase III के अंतर्गत आपदा मित्र स्वयंसेवकों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन कुल्लू में किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आपदा मित्र स्वयंसेवकों को जीवन रक्षक कौशल, प्राथमिक उपचार एवं CPR, अग्नि सुरक्षा, खोज एवं बचाव, प्रारंभिक चेतावनी, आश्रय प्रबंधन, टीम समन्वय एवं मॉक ड्रिल जैसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक कौशलों से सशक्त बनाना था। साथ ही, प्रशिक्षण के माध्यम से आपदा मित्रों की भूमिका को विद्यालयों एवं समुदायों में आपदा तैयारी, जागरूकता एवं जोखिम न्यूनीकरण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ कुल्लू के उपायुक्त सुरजीत सिंह राठौर ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर उन्होंने Climate Smart Resilient Community Initiative का कुल्लू में औपचारिक शुभारंभ किया और प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उपायुक्त सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि आपदा के समय सही तैयारी, समय पर निर्णय और जीवन रक्षक कौशल कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने आपदा मित्र पहल की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने तथा विद्यालयों एवं समुदायों में जागरूकता और क्षमता निर्माण गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
DDMA कुल्लू के राकेश कुमार ने कुल्लू जिले में बाल रक्षा भारत और DDMA के सहयोग से Climate Smart Resilient Community Project के क्रियान्वयन की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए प्रशासन, विभागों, स्वयंसेवकों, विद्यालयों और समुदायों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है।
बाल रक्षा भारत के Manager – DRR (Pan India) नवीन कुमार शुक्ला ने संस्था के मानवीय कार्यों, आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रतिक्रिया की यात्रा पर जानकारी साझा की। उन्होंने Climate Smart Resilient Community Project की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के बाद भी समुदायों के साथ सक्रिय रूप से कार्य करने और अपने जीवन रक्षक कौशल का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर
दो दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न विभागों एवं विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू एवं स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार, CPR तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने CPR और प्राथमिक उपचार तकनीकों का स्वयं अभ्यास किया। अग्निशमन विभाग, कुल्लू द्वारा अग्नि सुरक्षा एवं आग से बचाव पर सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित प्रतिक्रिया, सावधानियों तथा अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया।
होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के विशेषज्ञों द्वारा Search & Rescue, Team Coordination एवं Tool Handling पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एक काल्पनिक आपदा परिदृश्य आधारित मॉक ड्रिल में शामिल किया गया, जिसमें प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव, प्रारंभिक चेतावनी, आश्रय प्रबंधन और टीम समन्वय को एक साथ लागू करने का अभ्यास कराया गया।
होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के कमांडेंट विकास सकलानी ने आपदा मित्रों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में विभिन्न जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। कमल भंडारी ने भी खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, CPR तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित व्यावहारिक सत्रों में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यशाला में आपदा मित्रों की विद्यालय एवं समुदाय स्तर पर भूमिका, सामुदायिक जागरूकता, मॉक ड्रिल, रिपोर्टिंग एवं दस्तावेजीकरण से संबंधित सत्र भी आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के बाद अपने क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों एवं विद्यालयों के साथ मिलकर आपदा तैयारी गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में DDMA कुल्लू के राकेश कुमार, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के प्रशांत, DDEE ज्ञानी चंद, डॉ. कमल दत्ता कोहली, डॉ. सुरेश, CMO कार्यालय/क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के कमांडेंट विकास सकलानी एवं कमल भंडारी, फायर ऑफिसर अजय शर्मा तथा जूनियर ऑफिसर अशोक ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ समापन
दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर वैलेडिक्टरी सेशन, प्रतिभागियों का फीडबैक एवं लर्निंग शेयरिंग आयोजित की गई। जिला राजस्व अधिकारी (DRO), कुल्लू अनिल कुमार ने प्रशिक्षित आपदा मित्र स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। समापन अवसर पर आपदा मित्रों को प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित न रखते हुए विद्यालयों, समुदायों और स्थानीय संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल रक्षा भारत के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर एक ऐसा प्रशिक्षित एवं समुदाय से जुड़ा स्वयंसेवक समूह तैयार करना है, जो आपदा से पहले तैयारी, आपदा के दौरान जीवन रक्षक प्रतिक्रिया तथा आपदा के बाद समुदाय की सहायता में प्रभावी भूमिका निभा सके। HPSDMA एवं DDMA कुल्लू के सहयोग तथा Salesforce के समर्थन से संचालित यह पहल कुल्लू जिले में समुदायों एवं विद्यालयों को अधिक सुरक्षित, तैयार और जलवायु-स्मार्ट एवं आपदा-लचीला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
📍 Location: Kullu (Kullu)
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