सोलन। भारतीय मजदूर संघ, हिमाचल प्रदेश की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक रविवार को सोलन स्थित गुरुकुल इंटरनेशनल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुरू हुई। 25 और 26 अक्टूबर को आयोजित इस बैठक में प्रदेशभर के श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। बैठक में फरवरी 2027 में शिमला में 50 हजार से अधिक श्रमिकों एवं कर्मचारियों की भागीदारी के साथ विशाल आंदोलन आयोजित करने की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स, मिड-डे मील कार्यकर्ताओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, राज्य कर्मचारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों तथा निगमों और बोर्डों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इस दौरान मानदेय, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार की स्थिरता और लंबित मांगों सहित कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन देने से नहीं, बल्कि समयबद्ध और ठोस निर्णय लेने से संभव है। संगठन ने सभी वर्गों के कर्मचारियों को न्याय, सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में प्रदेशभर के श्रमिकों की मांगों को एकजुट होकर सरकार के समक्ष उठाने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की रणनीति भी बनाई गई। प्रस्तावित आंदोलन के माध्यम से विभिन्न कर्मचारी एवं श्रमिक वर्गों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
भारतीय मजदूर संघ, हिमाचल प्रदेश ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों, सम्मानजनक वेतन और सुरक्षित भविष्य के लिए संगठन लोकतांत्रिक एवं संगठित तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। बैठक के दूसरे दिन आगामी आंदोलन की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के साथ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
📍 Location: शिमला (शिमला)

