Last Updated: October 6, 2026

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लाहौल-स्पीति में शीतकालीन क्षेत्रों के लिए जनगणना संबंधी दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

August 19, 2026

लाहौल-स्पीति में शीतकालीन क्षेत्रों के लिए जनगणना संबंधी दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

शिमला: उपायुक्त किरण भड़ाना ने स्वयं भरा जनगणना प्रपत्र, प्रशिक्षकों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी…जिला लाहौल-स्पीति में आगामी जनगणना कार्य को प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना प्रक्रिया, प्रपत्र भरने तथा डिजिटल माध्यम से आंकड़े संकलित करने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण के दौरान उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने स्वयं जनगणना प्रपत्र भरकर प्रक्रिया को समझा तथा जनगणना कार्य की व्यवहारिक प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध करवाने वाली एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, सटीकता एवं जिम्मेदारी के साथ पूरा करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण में विकास कुमार एवं आशीष रस्तोगी ने प्रशिक्षकों के रूप में प्रतिभागियों को जनगणना प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने जनगणना प्रपत्र में दर्ज की जाने वाली विभिन्न जानकारियों, डिजिटल माध्यम से आंकड़े संकलित करने तथा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कार्य पूरा करने की प्रक्रिया से अवगत करवाया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि शीतकालीन क्षेत्रों में जनसंख्या की स्व-गणना की सुविधा 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके लिए नागरिक se-selfenumeration.census.gov.in के माध्यम से स्व-गणना कर सकते हैं। इसके बाद जनसंख्या गणना का कार्य 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त बेघर परिवारों की गणना 30 सितंबर 2026 को जाएगी। गणना के बाद 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक पुनरीक्षण चरण (Revisional Round) आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच छूटे हुए व्यक्तियों एवं इस अवधि में जन्मे नवजात शिशुओं को गणना अभिलेख में शामिल किया जाएगा। इसी अवधि में हुई मृत्यु को भी नियमानुसार अभिलेखों में अद्यतन किया जाएगा।

जनगणना के दौरान कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें आठ व्यापक श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें बुनियादी जानकारी, आयु, वैवाहिक स्थिति एवं राष्ट्रीयता, सामाजिक विशेषताएं, भाषा एवं साक्षरता, आर्थिक गतिविधियां, प्रवासन, प्रजनन क्षमता तथा अन्य आवश्यक विवरण शामिल हैं।

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि जनगणना से संबंधित जानकारी भारत के जनगणना विभाग द्वारा विकसित Population Enumeration (PE) Mobile App के माध्यम से डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। लाहौल-स्पीति जैसे शीतकालीन परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विशेष तैयारियों एवं सावधानियों पर भी चर्चा की गई।

उन्होंने जिला लाहौल-स्पीति के सभी नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं तथा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। साथ ही उन्होंने बताया कि स्थानीय उपमंडलीय प्रशासन उदयपुर द्वारा त्रिलोकिनाथ मे 21 अगस्त से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाले पोरी मेले में भी स्व- जनगणना करने के लिए स्टॉल लगाया जायेगा जिसमे स्थानीय जनता अपनी स्व- जनगणना करवा सकते हैं।

इस दौरान एसडीएम केलांग कुनिका एकर्स, तहसीलदार केलांग विकास कुमार, नायब तहसीलदार केलांग शेर सिंह तथा एनआईसी के डीआईओ संदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उदयपुर के नायब तहसीलदार, विनय भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्पीति से एडीसी काजा शिखा, एसडीएम स्पीति दीक्षित राणा तथा नायब तहसीलदार स्पीति अशोक कुमार सहित पांच अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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