शिमला : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एच.पी.टी.डी.सी. एम्पलाइज यूनियन को घाटे में चल रहे होटलों को बंद करने के आदेशों खिलाफ अपील दायर करने अनुमति प्रदान कर दी है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश राकेश कैंथला की खंडपीठ ने यूनियन द्वारा दायर आवेदन को स्वीकारते हुए उन्हें अपील दायर करने की इजाजत दी और यूनियन की अपील का नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 3 जनवरी को निर्धारित की है।
इस मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने घाटे में चल रहे 9 होटलों को बंद करने और 9 होटलों को 31 मार्च 2025 तक खोलने की सशर्त इजाजत दी थी। इसके बाद पर्यटन निगम की अपील पर खंडपीठ ने होटलों को बंद करने के आदेशों पर अंतरिम रोक लगाई है।
प्रार्थी यूनियन का कहना था कि अगर 18 अथवा 9 होटलों को बंद किया जाता है तो पूरी संभावना है कि अनेकों कर्मचारियों की छंटनी होगी। इसका असर यूनियन के अनेकों सदस्यों पर पड़ेगा। इसलिए होटलों को बंद करने के आदेशों से प्रभावित होने के कारण उन्हें एकल पीठ के आदेशों को अपील के माध्यम से चुनौती देने की इजाजत दी जाए।
कोर्ट ने मामले से जुड़े तथ्यों को देखते हुए यूनियन की मांग को स्वीकार कर लिया और उन्हें अपील दायर करने की अनुमति प्रदान कर दी। उल्लेखनीय है कि 22 नवंबर को एकल पीठ ने 18 में से 9 होटलों को 31 मार्च 2025 तक चलाने की सशर्त इजाजत दे दी थी।
कोर्ट ने कहा था कि यदि 31 मार्च तक ये होटल फायदे में नहीं आये और अपना अधिकतम प्रदर्शन नहीं दिखा पाए तो इन आदेशों का पुन: अवलोकन कर उपयुक्त आदेश जारी किए जाएंगे। कोर्ट ने द पैलेस होटल चायल, होटल चंद्रभागा केलांग, होटल देवदार खजियार, होटल भागसू मैक्लोडगंज, होटल लॉग हट्स मनाली, होटल धौलाधार धर्मशाला, होटल मेघदूत कियारीघाट, होटल कुंजुम मनाली और होटल द कैसल नग्गर को 31 मार्च 2025 तक चलाने की इजाजत दी थी।
कोर्ट ने इनके प्रदर्शन को देख कर आगामी अवधि बढ़ाने पर फिर से विचार करने की बात भी कही थी। हाईकोर्ट ने 19 नवंबर को एच.पी.टी.डी.सी. के घाटे में चल रहे 18 होटलों को तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए।

