Uproar over national song; House adjourned. : शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। भाजपा की राष्ट्रगीत गाने की मांग पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष को महज 10 मिनट बाद कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अपमान के आरोप लगाते हुए जमकर राजनीतिक बयानबाजी की।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन ही सदन के अंदर और बाहर जमकर हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई जिसके बाद विपक्षी दल भाजपा ने सदन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गाने की मांग उठाई जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने नियमों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय गीत सत्र के समापन पर गाने की बात कही जिस पर विपक्ष नहीं माना और सदन के अन्दर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा होते देख विधानसभा अध्यक्ष ने 10 मिनट के भीतर ही सदन की कार्यवाही कल शनिवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
हंगामा यही नहीं रुका इसके बाद सत्तापक्ष बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी करता हुआ सदन के बाहर आया और मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सदन में राष्ट्रगान का अपमान किया है और कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का सम्मान करती है। राष्ट्रगान सत्र की शुरुआत में और राष्ट्रगीत सत्र के अंत में गाया जाता है लेकिन भाजपा नियमों के विपरीत केवल राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय गीत का मुद्दा उठा रही है। भाजपा विधानसभा की परंपराओं का सम्मान नहीं कर रही है। राष्ट्रीय गीत पूरा गाने से सरकार या स्पीकर ने इंकार नहीं किया लेकिन भाजपा सदन में बंटी हुई नजर आई। आज नेता विपक्ष सदन में नहीं थे तो भाजपा विधायकों ने जयराम को दरकिनार करने के मकसद से सदन में बेवजह हंगामा किया जो दुखद और निंदनीय है। यह उन दिवंगत आत्माओं का भी अपमान है जिनका आज शाेकिदगार था इसे कांग्रेस के विधायक और प्रदेश जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
विपक्ष की ओर से विधायक विपिन परमार ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा ने सदन में राष्ट्रगीत गाने की विनम्र मांग की थी, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई। परमार ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगीत के सम्मान के प्रति गंभीर नहीं है और इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।CWC की बैठक में राष्ट्रीय गीत के दो छन्द ही गाने का कांग्रेस ने फैसला लिया है जो संसद द्वारा पारित कानून के खिलाफ है और सीधे तौर पर स्वतंत्रता सेनानियों अपमान है। हिमाचल विधानसभा कांग्रेस की CWC बैठक के नियमों से नहीं चलेगी यह सीधे तौर पर देशद्रोह का मामला बनता है।

