Site icon Dainik Savera Times

पनारसा कॉलेज में दस दिवसीय कहानी लेखन कार्यशाला में चर्चा

Young Writers Showcase Stories at Panarsa : कुल्लू। राजकीय महाविद्यालय पनारसा के हिंदी विभाग की ओर से आयोजित दस दिवसीय कहानी लेखन कार्यशाला का सोमवार को समापन हुआ। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने कहानी के तत्व, कथानक, पात्र-योजना और भाषा-शैली से जुड़ी बारीकियां सीखीं।

समापन सत्र में विद्यार्थियों की ओर से तैयार कहानियों के अंतिम प्रारूप की समीक्षा की गई और उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना तथा युवा दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि एवं समीक्षक साहित्यकार डॉ. दयानंद गौतम ने कहानियों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों को लेखन में निरंतर अभ्यास और सुधार के लिए मार्गदर्शन दिया। 10 दिनों तक चली इस कार्यशाला में विद्यार्थियों ने कहानी के तत्व, कथानक, पात्र-योजना और भाषा-शैली की बारीकियों को सीखा। आज समापन सत्र में विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई कहानियों के अंतिम प्रारूप (Final Draft) पर विस्तृत समीक्षा की गई।

इस दौरान पलक, सानिया, शेर सिंह, दीपा, रीना, राखी, नीलम, उर्मिला, सीमा ठाकुर, स्नेहा राणा, करण, कनक और सिया की कहानियों पर विशेष रूप से विस्तृत चर्चा की गई। सभी विद्यार्थियों की कहानियों में सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना और युवा दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं समीक्षक के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. दयानंद गौतम ने सभी कहानियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक कहानी की खूबियों और सुधार के बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। डॉ. गौतम ने कहा कि इन युवा लेखकों में अपार संभावनाएं हैं और निरंतर अभ्यास से ये भविष्य के सशक्त कहानीकार बन सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहानी लेखन की तकनीक और वर्तमान साहित्यिक परिदृश्य पर भी अपना सारगर्भित वक्तव्य दिया।

Exit mobile version