इंटरनेशनल डेस्क। पाकिस्तान के सिंध प्रांत से एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आया है। जहां 23 साल के एक हिंदू किसान कैलाश कोहली की कथित तौर पर उसके ही जमींदार ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना बादिन जिले के तलहार गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कैलाश कोहली जमींदार सरफराज निजामानी की जमीन पर एक छोटा सा शेल्टर (आश्रय) बनाना चाहता था। जमींदार को यह बात पसंद नहीं आई। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोप है कि सरफराज निजामानी ने कैलाश को गोली मार दी।
अस्पताल में तोड़ा दम
गोली लगने के बाद कैलाश कोहली को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से इलाके में डर और आक्रोश का माहौल बन गया।
हिंदू समुदाय ने किया जोरदार विरोध
कैलाश की हत्या के बाद सिंध के हिंदू समुदाय में भारी गुस्सा देखने को मिला। सैकड़ों लोगों ने बादिन जिले में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और धरना दिया। लोगों की मांग थी कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
पुलिस ने बनाई स्पेशल टीम
मृतक के भाई पून कुमार कोहली ने इस मामले में पुलिस में FIR दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई।
दबाव के बाद हुई गिरफ्तारी
बादिन के SSP कमर रजा जस्कानी ने बताया कि आरोपी सरफराज निजामानी और उसके साथी जफरुल्लाह खान को शनिवार रात हैदराबाद के फतेह चौक इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था और छिपकर रह रहा था।
विरोध प्रदर्शनों का दिखा असर
सिंध में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए काम करने वाले एक वेलफेयर ट्रस्ट के प्रमुख शिव काची ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी हिंदू समुदाय के दबाव का नतीजा है। उन्होंने बताया कि जब तक गिरफ्तारी नहीं हुई, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहे।
IG पुलिस ने पीड़ित परिवार से की बात
शिव काची के मुताबिक, धरना उस समय खत्म हुआ जब IG पुलिस सिंध जावेद अख्तर ओधो ने खुद पीड़ित पिता को फोन कर गिरफ्तारी की जानकारी दी। इसके बाद लोगों को कुछ राहत मिली।
निष्पक्ष न्याय की उम्मीद
शिव काची ने उम्मीद जताई कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और सुनवाई होगी, ताकि सिंध में रहने वाले हिंदू अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और प्रशासन पर उनका भरोसा बना रहे।
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