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सद्भाव यात्रा से हुड्डा गुट नदारद, बीरेंद्र ने कही थी हुड्डा को लाने की बात

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रोहतक। कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह के बेटे और सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा का रोहतक में समापन हो गया। इस समारोह में एक बार फिर कांग्रेस की गुटबाजी नजर आई। शुरू से इस यात्रा से दूरी बनाकर चल रहा हुड्डा गुट समापन पर भी नजर नहीं आया।

हुड्डा के गढ़ में यात्रा का समापन

यहां उल्लेखनीय बात ये है कि यात्रा का समापन भी हुड्डा के गढ़ रोहतक में हुआ था। इससे भी अहम बात ये है कि एक दिन पहले बीरेंद्र सिंह ने समारोह में खुद हुड्डा को लाने की बात कही थी। दूसरी ओर ये भी कहा जा सकता है कि बृजेंद्र सिंह के मंच पर हुड्डा विरोधी खेमा हावी रहा। कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने माना कि नेताओं की फूट से कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। रोहतक में लगभग 5 किमी पदयात्रा के बाद एक जनसभा हुई। इसके बाद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा का समापन हो गया।

12800 किलोमीटर चली ये यात्रा

कुल 12800 किलोमीटर की 7 महीने में 90 हलकों में की गई इस यात्रा के दौरान भूपेंद्र हुड्डा गुट का नदारद रहना कांग्रेस की एकता पर सवाल है।  सद्भाव यात्रा करने वाले कांग्रेस के नेता बृजेंद्र सिंह ने माना कि कांग्रेस में फूट है। उन्होंने कहा कि जब बंद मुट्ठी खुलती है तो दर्द होता है। उन्होंने भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि वे ना तो एमएलए हैं और ना एमपी, जो लोग कई-कई बार एमपी एमएलए बन चुके, मंत्री रह चुके, वे उनकी यात्रा में क्यों आएंगे।

राहुल से ली थी यात्रा की इजाजत : बृजेंद्र

बृजेंद्र सिंह ने खुलकर कहा कि यह यात्रा उनकी निजी यात्रा नहीं थी, बल्कि राहुल गांधी की इजाजत पर शुरू की थी जो हर रोज उनकी यात्रा की रिपोर्ट लेते रहते थे।  गुरुग्राम में राहुल गांधी ने यात्रा का मंच साझा किया तो उनका हौसला बढ़ा और राहुल गांधी के आने के बाद ये सवाल पूछना वाजिब नहीं है कि ये कांग्रेस की यात्रा है या नहीं। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि रोहतक में कांग्रेस के चार विधायक हैं और भूपेंद्र हुड्डा इस यात्रा में शामिल नहीं हुए तो उन्होंने कहा कि ये बात उन्हीं से पूछो। उन्होंने तो पत्र लिखकर उन्हें निमंत्रण भेजा था, अब वे क्यों नहीं आए, ये सवाल उनसे ही किया जाना चाहिए। उन्होंने माना कि कांग्रेस में गुटबाजी है।

इशारों में कह गए बहुत कुछ

उन्होंने इशारा कर दिया कि इस गुटबाजी का कारण भाजपा का डर हो सकता है। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि यात्रा से अगर प्रदेश में उनकी पहचान बनी है तो इसमें कोई गलत बात नहीं, लेकिन यात्रा का मकसद प्रदेश में सद्भाव पैदा करना था। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे प्रतीत होता है कि पूरे देश में युवा में गुस्सा है और वो गुस्सा कभी भी फूट सकता है।

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