
HRTC ‘Empty coffers, mounting dues : शिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े उपक्रम हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) अब कर्ज लेकर कर्मचारियों की देनदारियों की अदायगी करेगा।
HRTC कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की करीब 500 करोड़ की देनदारी लंबित है। इनमें रात्रि भत्ता, ओवर टाइम, डीए की किस्त सहित अन्य वित्तीय लाभ शामिल हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मियों के भी वित्तीय लाभ देय हैं। निगम की वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। हालात ये हैं कि वेतन व पेंशन देने के लिए भी सरकार से गुहार लगानी पड़ती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम ने दोनों बैंकों के प्रबंध निदेशक से इस संबंध में बात की है।
जल्द ही इस प्रस्ताव को HRTC की निदेशक मंडल में लाया जाएगा ताकि ऋण के लिए निगम आवेदन कर सके। इस साल यह दूसरा मौका है जब निगम ऋण लेकर देनदारियों का निपटारा करेगा। इससे पहले 150 करोड़ का कर्ज सेवानिवृत कर्मचारियों की देनदारियों की अदायगी के लिए लिया जा चुका है। एचआरटीसी चालक परिचालक यूनियन के साथ प्रबंधन की आयोजित बैठक में वित्तीय लाभ देने पर सहमति बनी थी, लेकिन निगम के पास पैसा नहीं है। एचआरटीसी का संचित घाटा बढ़कर 2200 करोड़ हो गया है।
निगम का घाटा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। एचआरटीसी में अभी 10853 कर्मचारी काम कर रहे हैं। 2023 में 31 मार्च तक एचआरटीसी का कुल घाटा 1966 करोड़ था। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम का कहना है कि एचआरटीसी कर्मचारियों की जितनी भी देनदारी है उनका निपटारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। निगम की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। ऋण लेने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।
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