नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को कहा कि उनकी सरकार ने मोबाइल संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से जनता का लाखों करोड़ रुपया गलत हाथों में जाने से बचाया है और बहुतों की मुफ्त की कमाई बंद की है। ऐसे ही लोग आज उनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने गलत कामों को बंद करने की ठान रखी हैं और ऐसा करके रहेंगे चाहे उनका विरोध करने वाले कितना ही शोर क्यों न करें। मोदी यहां यशोभूमि में भारत मोबाइल कांग्रेस 2026 का औपचारिक उद्घाटन कर रहे थे।
उनका यह बयान ऐसे वातावरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जबकि विपक्ष राज्यों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चुनाव आयोग के कार्यक्रम को लेकर मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए जगह-जगह धरने प्रदर्शन कर रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, आज सरकार की सैंकड़ों सर्विसेज मोबाइल फोन पर हैं। सरकारी मदद अब सीधे बेनिफिशरीज के खाते में जाती है।
डायरैक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से करीब 50 लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के मोबाइल में भेजे गए और उनके बैंक अकाऊंट में पहुंचे। इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपए, ये आंकड़ा छोटा नहीं है, 5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। मोदी ने कहा, अब मुझे बताइए, जिनकी ये मुफ्त की कमाई बंद हो गई है, वो क्या, मोदी को प्यार करेंगे क्या? मैंने सही किया कि नहीं किया? करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? ये सारे गलत कामों को बंद करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? वो कितने ही चिल्लाते रहें, चीखते रहें, मैं इसको ठान के बैठा हूं, करके रहूंगा।
उन्होंने कहा, पुरानी व्यवस्था होती, तो सरकार का 5 लाख करोड़ रुपए लीकेज में चला जाता और ऐसे लोगों की जेब भर देता, मोदी ने इसको रोका है। और अब वही पैसा सही लाभार्थी को मिल रहा है और बचा हुआ पैसा सही काम के लिए उपयोग आ रहा है। मोदी ने कहा, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत हम 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक किसानों के बैंक अकाऊंट में जमा कर चुके हैं। किसान को मोबाइल फोन पर ही पैसा जमा होने का मैसेज मिल जाता है।
ये पैसा उन करोड़ों छोटे किसानों तक पहुंचा है, जिन तक कभी सरकारी स्कीम्स का लाभ पहुंच ही नहीं पाता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि दूरसंचार की चर्चा में अक्सर नैटवर्क और स्पैक्ट्रम पर बहस, मोबाइल टावर, नैटवर्क की पहुंच और गति की बातें होती हैं। लेकिन भारत के लोगों के लिए टैलीकॉम के मायने और भी रहे हैं। बीते 10-12 वर्षों में मोबाइल फोन आधुनिक संचार के माध्यम के साथ-साथ गुड-गवर्नेंस (सुशासन) का भी अहम औजार बनकर सामने आया है और यह हमारे डिजिटल इंडिया विजन के केंद्र में रहा है।
मोदी ने कहा, आज हम सुनते हैं कि भारत में डाटा सस्ता है, मोबाइल फोन सस्ते हैं, मोबाइल फोन यूजर बेस इतना एक्सपैंड हो गया है, ये अपनी जगह सब सच है, लेकिन ये हुआ कैसे? और ये सब किया क्यों गया? ये जब हम समझेंगे, तो सभी को भारत का फोकस, भारत का ध्यान एकदम स्पष्ट होगा।
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