नई दिल्ली : ‘फ्लाईदुबई’ के कैप्टन स्मित मच्छार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि उन्होंने ठान लिया था कि वह दूसरों की जान नहीं जाने देंगे और हवा में सह-पायलट के हमले के बाद भी, उनमें जितनी भी ताकत बची थी, उसी के सहारे उन्होंने विमान को सुरक्षित बचा लिया। मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक अस्पताल में भर्ती मच्छार से फोन पर बात की। बुधवार को यूएई के दुबई से इसराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजैड1073 के कॉकपिट में सह-पायलट ने मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस उड़ान में 27 बच्चों समेत 174 लोग सवार थे। मच्छार ने वीडियो कॉल पर प्रधानमंत्री को घटना के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि जब भी वह संकट में होते हैं, तो वह ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा, मैं घायल हालत में (कॉकपिट के) फर्श पर पड़ा था। मेरे अंदर जितनी भी ताकत बची थी, मैंने सही कदम उठाया और विमान को सुरक्षित बचा लिया। वीडियो कॉल के दौरान मच्छार अस्पताल में बिस्तर पर थे और उनके सिर पर पट्टी बंधी हुई थी।
मच्छार ने कहा कि वह 17 साल से विमान उड़ा रहे हैं और बतौर कैप्टन उनका अनुभव 11 साल का है। उन्होंने कहा कि सह-पायलट के साथ हाथापाई के दौरान उनके अनुभव ने ही उन्हें अहसास कराया कि अगर वह उस वक्त जरा भी चूके, तो विमान का क्या हश्र होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि जब भी वह किसी संकट में होते हैं, तो ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करते हैं और उस घड़ी में भी उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। जब प्रधानमंत्री ने इस पर प्रसन्नता जताई, तो पायलट ने जवाब दिया, ‘मैं देश से दूर हूं, अपनी संस्कृति से नहीं।’
मोदी ने पायलट से कहा कि उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है और कई भारतीय ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, आप एक बहादुर इंसान हैं। भारत आपका स्वागत करने का इंतजार कर रहा है। मच्छार ने इस घटना को अपने जीवन की यात्रा का एक हिस्सा बताया और विश्वास जताया कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे। मुंबई में जन्मे और मूल रूप से गुजरात के निवासी कैप्टन मच्छार इस बातचीत के दौरान भावुक हो गए और कहा कि प्रधानमंत्री से बात करना उनके लिए बेहद खास पल है।
उन्होंने मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया। मच्छार ने प्रधानमंत्री से कहा कि आपका फोन आना उनके लिए अत्यंत गर्व की बात है, तथा उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिलेगा। मोदी ने मच्छार की मां गीता बेन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे का पालन-पोषण ‘भगवद गीता’ के संस्कारों और शिक्षाओं के साथ किया है। प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि भारत और दुनिया भर के लोग उनसे बात करने के लिए उत्सुक हैं।

