
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में उद्योगपति अनिल अंबानी को लेकर बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अनिल अंबानी का नाम कथित तौर पर “एपस्टीन फाइल्स” में है और पूछा कि अगर ऐसा है तो वे जेल में क्यों नहीं हैं।
यह भी पढ़ें: ‘कांग्रेस के 20-25 MPs ओम बिरला के चैंबर में गए, उन्हें गालियां दीं’, किरेन रिजिजू का विपक्ष पर आरोप
बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा, “एक बिजनेसमैन अनिल अंबानी हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि वह जेल में क्यों नहीं हैं? वजह यह है कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है।” उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए दावा किया कि वे जानते हैं कि अनिल अंबानी की मुलाकात एपस्टीन से किसने कराई थी। राहुल गांधी ने कहा, “मैं हरदीप पुरी से भी पूछना चाहूंगा कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया था। मुझे पता है कि उन्हें किसने मिलवाया था, और हरदीप पुरी जानते हैं कि उन्हें किसने मिलवाया था।”
#WATCH | Delhi | Following his speech in Lok Sabha on the Union Budget, Congress MP Rahul Gandhi says,” I have said that I will authenticate the data I have. There are Department of Justice files on Epstein files naming Hardeep Puri and Anil Ambani. In an ongoing case against… pic.twitter.com/81GNRNyOsd
— ANI (@ANI) February 11, 2026
संसद में भाषण देने के बाद राहुल गांधी ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत में अपने आरोप दोहराए। उन्होंने कहा कि वे उपलब्ध डेटा को प्रमाणित (ऑथेंटिकेट) करेंगे। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की फाइलों में एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज हैं, जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम होने की बात कही जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अडानी समूह से जुड़े एक मामले में समन जारी हुए हैं और भारत सरकार ने पिछले 18 महीनों में कोई जवाब नहीं दिया। राहुल गांधी के अनुसार, प्रधानमंत्री “सीधे दबाव” में हैं। उन्होंने कहा, “नॉर्मल स्थिति में कोई भी प्रधानमंत्री डेटा, किसानों, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा के मामलों में ऐसे फैसले नहीं करेगा। ऐसा तभी होता है जब उस पर कोई खास दबाव हो।”
यह भी पढ़ें: ‘दुनिया अस्थिरता की ओर बढ़ रही, इंडियन डेटा है सबसे बड़ा एसेट’, लोकसभा में बोले राहुल गांधी
इस मुद्दे पर 31 जनवरी को विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उन रिपोर्टों को खारिज किया था, जिनमें एपस्टीन फाइल्स से जुड़े एक ईमेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2017 की इज़राइल यात्रा का जिक्र होने की बात कही गई थी।
MEA प्रवक्ता ने कहा कि जुलाई 2017 की आधिकारिक इजराइल यात्रा के अलावा ईमेल में जो बातें कही गई हैं, वे एक दोषी अपराधी की “बेकार सोच” हैं और उन्हें पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। यह मामला अब संसद और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं सरकार की ओर से इन दावों को सिरे से नकारा गया है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...