नई दिल्ली: प्रयागराज के महाकुंभ में अपने अनोखे अंदाज और आध्यात्मिक जीवन के कारण चर्चा में आए अभय सिंह एक बार फिर खबरों में हैं। इस बार वजह उनकी शादी है। अभय सिंह ने बताया कि उन्होंने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन हिमाचल प्रदेश के अघंजर महादेव मंदिर में अपनी साथी प्रतीका से शादी की। इसके कुछ दिन बाद, 19 फरवरी को दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली।
कौन हैं उनकी पत्नी प्रतीका?
प्रतीका कर्नाटक की रहने वाली हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। दोनों की मुलाकात लगभग एक साल पहले हुई थी। अब शादी के बाद दोनों साथ में सादा और शांत जीवन जी रहे हैं। फिलहाल वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रह रहे हैं। प्रतीका का कहना है कि अभय बहुत सरल, सच्चे और ईमानदार इंसान हैं। दोनों मिलकर आगे चलकर सनातन और अध्यात्म को बढ़ाने का काम करना चाहते हैं।

आध्यात्म की ओर क्यों मुड़े अभय?
अभय सिंह ने IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और बाद में कनाडा में एक अच्छी नौकरी कर रहे थे, जहां उन्हें लगभग 3 लाख रुपये महीने की सैलरी मिलती थी। लेकिन जिंदगी के असली अर्थ की खोज ने उन्हें आध्यात्म की ओर खींच लिया और उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी।
परिवार और पृष्ठभूमि
अभय हरियाणा के झज्जर जिले के सासरौली गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता कर्ण सिंह वकील हैं और झज्जर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान भी रह चुके हैं। हाल ही में अभय अपनी पत्नी के साथ झज्जर अपने परिवार से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने पुरानी यादें भी साझा कीं।
भविष्य की योजना
अभय और प्रतीका का सपना है कि वे एक “सनातन यूनिवर्सिटी” शुरू करें, जहां गुरु, साधक और आध्यात्म से जुड़े लोग एक साथ आ सकें और ज्ञान साझा कर सकें।
क्यों हुए थे वायरल?
महाकुंभ 2025 में साधु वेश में नजर आने के बाद अभय सिंह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। एक सफल इंजीनियर से साधु बनने तक का उनका सफर लोगों के लिए प्रेरणा और चर्चा का विषय बना हुआ है।