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IIT Bombay ने छात्रों की पढ़ने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करने वाला Mobile App विकसित किया

मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बंबई ने एक मोबाइल ऐप्लिकेशन विकसित किया है जो ‘स्पीच प्रोसेसिंग’ और ‘मशीन लर्निंग’ प्रौद्योगिकी का उपयोग करके मौखिक पाठ की गति को स्वत: माप सकता है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऐप ‘टीचर्स असिस्टेंट फॉर रीडिंग असेसमेंट’ (टीएआरए) छात्रों में मौखिक पाठ की गति की जांच करने और उसे बढ़ाने में मदद करेगा तथा इसे उसने अपना लिया है।

परियोजना का नेतृत्व करने वाली आईआईटी बंबई के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर प्रीति राव ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रणाली वर्तमान में अंग्रेजी और हिंदी में काम करती है तथा इसकी विश्वसनीयता मानव विशेषज्ञों के साथ मेल खाने के लिए सत्यापित की गई है।’’ इस परियोजना को ‘टाटा सेंटर ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन’, ‘अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजी इनोवेशन फेलोशिप’ के साथ-साथ स्कूल शिक्षा समुदाय द्वारा वित्त पोषित किया गया था।

‘टाटा ट्रस्ट्स’ में प्रारंभिक भाषा और साक्षरता में उत्कृष्टता केंद्र की प्रमुख और पठन शिक्षाशास्त्र विशेषज्ञ डॉ. शैलजा मेनन ने कहा, ‘‘संगठनों को लंबे समय से सीखने के स्तर पर वास्तविक समय के डाटा की पेशकश करने वाले डिजिटल टूल की आवशय़कता महसूस हुई है।’’ बयान में कहा गया है कि टीएआरए एक एंड-टू-एंड सिस्टम के साथ इस कमी को पूरा करता है जो ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा देता है और डैशबोर्ड पर प्रत्येक बच्चे के साथ-साथ कक्षा, स्कूल और क्षेत्र जैसे समूहों के लिए प्रदर्शन डाटा प्रदान करता है।

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