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किसानों के हितों की रक्षा के लिए मैं दीवार की तरह खड़ा हूं : PM Modi

Independence Day 2025 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश को 79वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए देशवासियों से विकसित भारत के निर्माण के लिए और भी अधिक मेहनत करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने तथा एक विकसित भारत के निर्माण के लिए और भी अधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करे। जय हिंद।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह इन लोगों की रक्षा के लिए दीवार की तरह खड़े हैं। यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) में वाशिंगटन कृषि और डेयरी क्षेत्रों में भारत से शुल्क रियायत की मांग कर रहा है। दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने भारत पर भारी शुल्क भी लगाया है।

प्रधानमंत्री ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, मोदी भारत के किसानों, मछुआरों और पशुपालकों से जुड़ी किसी भी हानिकारक नीति के खिलाफ दीवार की तरह खड़ा है। भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के संबंध में किसी भी प्रतिकूल समझौते को कभी स्वीकार नहीं करेगा। प्रस्तावित बीटीए में अमेरिका मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम और एथनॉल जैसे उत्पादों पर शुल्क कम करने के साथ ही अमेरिकी डेयरी उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की मांग कर रहा है। हालांकि, नयी दिल्ली ने इन मांगों का कड़ा विरोध किया है, क्योंकि इनका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सुरक्षा का महत्व बहुत बड़ा है। मैं आज लाल किले की प्राचीर से कह रहा हूं कि आने वाले 10 साल में 2035 तक राष्ट्र के सभी महत्वपूर्ण स्थलों जिनमें सामरिक के साथ-साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल है- जैसे अस्पताल, रेलवे, आस्था के केंद्र सभी को तकनीक के नए प्लेटफॉर्म द्वारा पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा। अगले दस वर्षों में, 2035 तक, मैं इस राष्ट्रीय सुरक्षा कवच का विस्तार, सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण करना चाहता हूं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “षड्यंत्र के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं। यह घुसपैठिए मेरे देश के नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं, घुसपैठिए देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं, यह बर्दाश्त नहीं होगा। यह घुसपैठिए आदिवासियों को भ्रमित करके उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, यह देश सहन नहीं करेगा। जब सीमावर्ती क्षेत्र में डेमोग्राफी में परिवर्तन होता है, तब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संकट पैदा होता है, देश की एकता और प्रगति के लिए संकट पैदा होता और कोई देश अपना देश घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता है,हमने एक ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ शुरु करने का निर्णय किया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “गरीबी हटाओ के नारे देश ने बहुत सुने हैं, लाल किले से भी सुने हैं। देश सुन-सुन कर थक गया था। देश ने मान लिया था कि गरीबी हट नहीं सकती है। लेकिन जब हम योजनाओं को गरीब के घर तक लेकर जाते हैं तब मेरे देश के 25 करोड़ गरीब गरीबी को परास्त कर गरीबी से बाहर निकल कर नया इतिहास बनाते हैं।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 साल पूरा होने का उल्लेख किया और कहा कि इस संगठन की राष्ट्रसेवा की यात्र पर देश गर्व करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है और यह प्रेरणा देता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। 100 साल की राष्ट्र की सेवा एक बहुत ही गौरवपूर्ण कार्य है। व्यक्ति निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण का लक्षय़ लेकर मां भारती के कल्याण के लिए लाखों स्वयंसेवकों ने अपना जीवन सर्मिपत किया।’’ उनका कहना था, ‘‘यह एक प्रकार से दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। 100 साल का समर्पण का इतिहास है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘आज लाल किले की प्राचीर से 100 साल की इस राष्ट्रसेवा की यात्रा में योगदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों को आदरपूर्वक स्मरण करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि आरएसएस की 100 साल की भव्य, सर्मिपत यात्रा पर देश गर्व करता है।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आज से यानी 15 अगस्त से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू हो रही है, जिसकी कुल लागत 1 लाख करोड़ रुपए होगी। इस योजना का उद्देश्य निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना और युवाओं को आर्थकि प्रोत्साहन देना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘देश के नौजवानों के लिए बड़ी खबर है। आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत, निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले बेटे-बेटियों को सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए दिए जाएंगे।‘ उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत, जिन कंपनियों द्वारा अधिक रोजगार सृजन किया जाएगा, उन्हें भी सरकार प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि इस योजना से करीब 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं बड़े अनुभव के साथ कहता हूं कि किसी दूसरे की लकीर छोटी करने के लिए, अपनी ऊर्जा हमें नहीं खपानी है। हमें पूरी ऊर्जा के साथ हमारी लकीर को लंबा करना है। अगर हम ऐसा करेंगे तो दुनिया हमारा लोहा मानेगी। आज जब वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक स्वार्थ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, तो यह समय की मांग है कि हम उन संकटों पर रोने ना बैठें। हिम्मत के साथ हम अपनी लकीर को लंबी करें। अगर यह रास्ता हमने चुन लिया तो फिर कोई स्वार्थ हमें अपने चंगुल में नहीं फंसा सकता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि इस साल दिवाली पर देशवासियों को नयी पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का तोहफा मिलने वाला है। मोदी ने यहाँ लाल किले के प्राचीर से 79वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किये आठ साल हो चुके हैं। इसके फायदे दिख रहे हैं। अब इस साल दिवाली पर एक विशेष तोहफा मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी के जीएसटी सुधार किये जा रहे हैं। इसके लिए समीक्षा का काम पूरा कर लिया गया है। राज्यों से भी सलाह-मशविरा हो चुका है। प्रधानमंत्री ने बताया कि नयी पीढ़ी के सुधारों के तहत जीएसटी में कर की दरें कम की जायेंगी। इसका लाभ देश के आम लोगों को मिलेगा। चीजें सस्ती हो जायेंगी। इसका लाभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मिलेगा। उल्लेखनीय है कि देश में जीएसटी की व्यवस्था 01 जुलाई 2017 से लागू की गयी थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज 140 करोड़ देशवासियों का एक ही मंत्र होना चाहिए-समृद्ध भारत। अगर कोटि-कोटि लोगों के बलिदान से स्वतंत्र भारत हो सकता है तो कोटि-कोटि लोगों के संकल्प से, आत्मनिर्भर बनने से, वोकल फॉर लोकल की बात करने से समृद्ध भारत भी बन सकता है। वो पीढ़ी स्वतंत्र भारत के लिए खप गई थी और यह पीढ़ी समृद्ध भारत के लिए नए कदम उठाए, यही समय की मांग है। धानमंत्री मोदी ने कहा, “हम स्वदेशी मजबूरी में नहीं, मजबूती के साथ उपयोग करेंगे, मजबूती के लिए उपयोग करेंगे और जरूरत पड़ी तो औरों को मजबूर करने के लिए उपयोग करेंगे। यह हमारी ताकत होनी चाहिए, हमारा मंत्र होना चाहिए।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज मैं युवा वैज्ञानिकों, प्रतिभाशाली युवाओं, इंजीनियरों, पेशेवरों और सरकार के सभी विभागों से आग्रह करता हूं कि हमारे पास अपने स्वयं के मेड इन इंडिया लड़ाकू विमानों के लिए जेट इंजन होने चाहिए।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “स्पेस सेक्टर का कमाल तो हर देशवासी देख रहा है। हमारे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेस स्टेशन से लौट चुके हैं और आने वाले कुछ दिनों में भारत आ रहे हैं। हम स्पेस में भी अपने दम पर आत्मनिर्भर भारत गगनयान की तैयारी कर रहे हैं। हम अपना स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में हैं। “
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “देश को विकसित बनाने के लिए हम अब समुद्र मंथन की ओर भी जा रहे हैं। हम हमारे समुद्र के भीतर के तेल और गैस के भंडार को खोजने की दिशा में मिशन मोड में काम करना चाहते हैं। “
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारे देश में 50-60 साल पहले सेमीकंडक्टर की फैक्ट्री का विचार चालू हुआ, आज जो सेमीकडक्टर पूरी दुनिया की ताकत बन गया है। 50-60 साल वे फाइल लटक गई, अटक गई, भटक गई। सेमीकंडक्टर के विचार की भ्रूण हत्या हो गई, हम सेमीकंडक्टर पर मिशन मोड पर काम कर रहे हैं…इस साल के अंत तक भारत में लोगों द्वारा निर्मित मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप्स बाजार में आ जाएंगे।”

79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में, PM मोदी ने कहा कि सिंधु नदी का पानी हमारे दुश्मन के खेतों की सिंचाई कर रहा है। सिंधु नदी का पानी हमारा है और जो समझौता हुआ वह अन्यायपूर्ण था। उन्होंने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। मेरे देश की धरती प्यासी है। सिंधु नदी के पानी पर भारत का अधिकार है। हिंदुस्तान का उस पानी पर अधिकार है जो उसका अधिकार है। भारत इस समझौते को उसके वर्तमान स्वरूप में स्वीकार नहीं करेगा। हम अपने किसानों और राष्ट्र के हित में सिंधु नदी समझौते को स्वीकार नहीं करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में पैदा हुए आक्रोश की अभिव्यक्ति है और इस अभियान से पाकिस्तान में ऐसी तबाही हुई है कि उसकी नींद उड़ी हुई है। उन्होंने देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में यह भी कहा कि अब भारत ‘न्यूक्लियर ब्लैकमैल’ नहीं सहेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज मुझे बहुत गर्व हो रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के वीर जाबांजों को सलामी देने का अवसर मिला है। हमारे जाबांज सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सीमा पार से आए आतंकवादियों ने पहलगाम में जिस तरह से कत्लेआम किया, उससे पूरा हिन्दुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था और पूरा विश्व भी चौंक गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है।’’ प्रधानमंत्री का कहना था कि सेना ने वह कर दिखाया जो कई दशकों तक नहीं हुआ था।उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि उसकी नींद उड़ी हुई है और रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी का पर्व 140 करोड़ संकल्पों का पर्व का है, गौरव का पर्व है और हृदय उमंग से भरा हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर अपना संबोधन शुरू किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज़ादी का यह महापर्व 140 करोड़ संकल्पों का पर्व है। आज़ादी का यह पर्व सामूहिक सिद्धियों का, गौरव का पर्व है। प्रकृति हम सबकी परीक्षा ले रही है। पिछले कुछ दिनों से प्राकृतिक आपदाएं, भूस्खलन, बादल फटना और ना जाने कितनी आपदाएं हम झेल रहे हैं। पीड़ितों के साथ हमारी संवेदना है। राज्य सरकारें और केंद्र सरकार मिलकर बचाव के काम में जुटी है। उन्होंने कहा, ‘‘देश एकता की भावना को निरंतर मजबूती दे रहा है। 140 करोड़ देशवासी तिरंगे के रंग में रंगे हैं।’’ मोदी ने कहा कि भारत का संविधान 75 वर्ष से प्रकाश स्तंभ बनकर देश को मार्ग दिखाता रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराया है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। मोदी अपने सरकारी आवास से निकलने के बाद सीधे राजघाट पहुंचे और ‘बापू’ की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए देशवासियों से विकसित भारत के निर्माण के लिए और भी अधिक मेहनत करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश को 79वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए देशवासियों से विकसित भारत के निर्माण के लिए और भी अधिक मेहनत करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने तथा एक विकसित भारत के निर्माण के लिए और भी अधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करे। जय हिंद।’’
उन्होंने एक अन्य ‘पोस्ट’ में लिखा, ‘‘मेरी कामना है कि यह सुअवसर सभी देशवासियों के जीवन में नया जोश एवं नयी स्फूर्ति लेकर आए, जिससे विकसित भारत के निर्माण को नई गति मिले। जय हिंद!’’ आजादी की वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री लाल किले से 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी लगातार 12वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और प्रतिष्ठित स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को पारंपरिक संबोधन देंगे।
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