नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत आज एक मज़बूत और विकसित देश के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज जब भारत बोलता है, तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। राजनाथ सिंह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित 10वें आर्म्ड फोर्सेज़ वेटरन्स डे कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सेना से रिटायर हो चुके वेटरन्स से अपील की कि वे आगे भी देश को दिशा दिखाते रहें और समाज में आपसी भाईचारे और एकता को मबूत करें।
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वेटरन्स की भूमिका भी देश के लिए बेहद अहम- राजनाथ सिंह
उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव आज की सबसे बड़ी जरूरत है। वेटरन्स अपने अनुभव के ज़रिए देश के भविष्य को सही राह दिखा सकते हैं। उन्होंने बताया कि आज कई वेटरन्स शिक्षा, खेती और आपदा प्रबंधन जैसे अहम क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। सरकार उन्हें देश का एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानती है। राजनाथ सिंह ने कहा कि जैसे परिवार में बड़े लोग जरूरी फैसलों में मार्गदर्शन देते हैं, वैसे ही वेटरन्स की भूमिका भी देश के लिए बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वेटरन्स के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।
श्रीलंका में सेवा देने वाले भारतीय सैनिकों को भी याद किया
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन पवन के दौरान श्रीलंका में सेवा देने वाले भारतीय सैनिकों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस मिशन में कई जवान शहीद हुए थे और उनकी बहादुरी आज भी देश को प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि सरकार इंडियन पीसकीपिंग फ़ोर्स के योगदान को सम्मान देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में श्रीलंका यात्रा के दौरान उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि भी दी थी। राजनाथ सिंह ने वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस योजना से वेटरन्स को आर्थिक सुरक्षा मिली है। उन्होंने साफ कहा कि यह कोई एहसान नहीं, बल्कि सैनिकों का हक था।
सैनिकों का सम्मान करना भारत की पुरानी परंपरा
उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल का भी उल्लेख किया और कहा कि सैनिकों का सम्मान करना भारत की पुरानी और गर्व की परंपरा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे वेटरन्स से सीखें और जरूरत पड़ने पर उनसे मार्गदर्शन लें। अग्निवीरों को भी वेटरन्स के अनुभव का लाभ उठाना चाहिए और आवश्यकता होने पर सिविल प्रशासन के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वेटरन्स को सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जा रही है ताकि उनके अनुभव का सही उपयोग हो सके। किसी देश की ताकत सिर्फ नीतियों और योजनाओं से नहीं, बल्कि समाज द्वारा दिए गए सम्मान से भी मापी जाती है।
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14 जनवरी को मनाया जाता है आर्म्ड फोर्सेज वेटरन्स डे
गौरतलब है कि आर्म्ड फोर्सेज वेटरन्स डे हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन भारत के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के जन्मदिन पर मनाया जाता है। फील्ड मार्शल करियप्पा भारतीय सैन्य इतिहास की एक अहम शख्सियत थे, जिन्होंने 1947 के युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया और सेवा, अनुशासन और देशभक्ति की मजबूत परंपरा की नींव रखी।

