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India अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में निर्बाध वैध वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए है प्रतिबद्ध : Rajnath Singh

Rajnath Singh

Rajnath Singh

नई दिल्लीः दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत की पृष्ठभूमि में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत वैश्विक मानदंडों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में नौवहन, उसके ऊपर से विमानों की आवाजाही और निर्बाध वैध वाणिज्यिक गतिविधियों की स्वतंत्रता को लेकर प्रतिबद्ध है। जकार्ता में 10 सदस्य देशों वाले आसियान और उसके कुछ संवाद साझेदारों की बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने दुनिया में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत और कूटनीति के महत्व को भी रेखांकित किया। दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन आसियान दस दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का समूह है, जो आपस में आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए भी कार्य करते हैं। इसका मुख्यालय इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में है। इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया आसियान के सदस्य देश हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुनिया भर में भारत के संदेश की तसदीक की कि ‘‘यह युद्ध का युग नहीं है’’ और उन्होंने ‘‘एक दूसरे की विरोधी’’ मानसिकता को छोड़ने की अनिवार्यता के बारे में भी चर्चा की हैं। सिंह ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) 1982 सहित अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में नौवहन, उसके ऊपर से विमानों की आवाजाही और निर्बाध वैध वाणिज्य गतिविधियों की स्वतंत्रता को लेकर प्रतिबद्ध है। हाइड्रोकार्बन के विशाल स्नेत, पूरे दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता के चीन के दावों से वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं।

दक्षिण चीन सागर पर वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई सहित क्षेत्र के कई देशों के भी दावे हैं। ‘आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस’ (एडीएमएम-प्लस) की बैठक में अपने भाषण में रक्षा मंत्री ने आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया और इससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। एडीएमएम-प्लस एक मंच है जिसमें 10 सदस्य देश और इसके आठ संवाद भागीदार – भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, रूस और अमेरिका शामिल हैं।

इंडोनेशिया एडीएमएम-प्लस के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में बैठक की मेजबानी कर रहा है। रक्षा मंत्री ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर पहल करने का आह्वान किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सिंह ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए एडीएमएम-प्लस के साथ व्यावहारिक, दूरदर्शी और परिणामोन्मुखी सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। भारत 1992 में आसियान का संवाद भागीदार बना और एडीएमएम-प्लस की शुरुआत अक्टूबर 2010 में हनोई में हुई थी। एडीएमएम-प्लस मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए 2017 से सालाना बैठक कर रहे हैं।

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