भरतीय रेलवे ने पंजाब को दी बड़ी सौगातः नई रेल लाइन और वंदे भारत एक्सप्रेस को मिली मंजूरी
September 23, 2025
पंजाब डेस्क। भरतीय रेलवे ने पंजाब लिये बड़ी सौगात दी है। जहां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंजाब के लिए एक और बड़ा रेलवे माइलस्टोन हासिल किया गया है। पंजाब में लंबे समय से प्रतीक्षित राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा फिरोजपुर से दिल्ली तक के लिए नई वंदे भारत ट्रेन का ऐलान किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज यह घोषणा की। यह 18 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन 443 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी और मालवा क्षेत्र को सीधे राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से जोड़ेगी।
नई रेल लाइन का मिलेगा ये बड़ा लाभ
पहले लुधियाना से चंडीगढ़ जाने वाली ट्रेनों को अंबाला होकर जाना पड़ता था, जिससे दूरी और समय दोनों बढ़ जाते थे। अब राजपुरा से मोहाली तक सीधा रेल संपर्क होगा, जिससे लगभग 66 किलोमीटर की दूरी घटेगी। मालवा क्षेत्र के सभी 13 जिले अब चंडीगढ़ से बेहतर रूप से जुड़ जाएंगे। इससे राजपुरा-अंबाला मार्ग पर ट्रैफिक कम होगा और अंबाला-मोरिंडा लिंक भी छोटा होगा। इस मार्ग को इसलिए चुना गया क्योंकि इसमें सबसे कम कृषि भूमि का अधिग्रहण होगा और खेती पर न्यूनतम असर पड़ेगा।
इस परियोजना से कृषि सहित कई उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना वस्त्र, विनिर्माण और कृषि सहित उद्योगों को बढ़ावा देगी। यह पंजाब के कृषि क्षेत्र को प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों और बंदरगाहों से जोड़ते हुए एक व्यापक नेटवर्क तैयार करेगी। जैसे कृषि उत्पादों की तेज आवाजाही, उद्योगों के लिए परिवहन लागत में कमी (जैसे राजपुरा थर्मल पावर प्लांट), धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और पर्यटन को बढ़ावा, गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब, शेख अहमद अल-फारूकी अल-सिरहिंदी की दरगाह, हवेली टोडर मल, संघोल म्यूजियम आदि रहेगी
नई वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा
रूट: फिरोजपुर कैंट → बठिंडा → पटियाला → दिल्ली
सेवा: सप्ताह में 6 दिन (बुधवार को छोड़कर)।
यात्रा समय: 6 घंटे 40 मिनट (486 किमी दूरी)।
फ्रीक्वेंसी: रोजाना सेवा, बॉर्डर जिले को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ेगी।
पंजाब में रेलवे का रिकॉर्ड निवेश
-2009-14 औसत निवेश: 225 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष
-2025-26: 5,421 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष
-वृद्धि: पिछली सरकार की तुलना में 24 गुना अधिक
2014 से अब तक की बड़ी उपलब्धियां
-382 किमी नई पटरियां बिछाई गईं
-1,634 किमी का विद्युतीकरण – पंजाब अब 100% विद्युतीकृत
-409 रेल फ्लाईओवर और अंडरब्रिज बनाए गए
वर्तमान की परियोजनाएं
पंजाब में 25,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं जारी
9 नई ट्रैक परियोजनाएँ (714 किमी, 21,926 करोड़ रुपये)
30 अमृत स्टेशन विकसित हो रहे हैं (1,122 करोड़ रुपये)
88 रेल ओवरब्रिज/अंडरपास (1,238 करोड़ रुपये)
कई जिलोंं को आपस में जोड़ेगी ये रेल लाइन
यह लाइन सीमा जिलों और गुजरात के बंदरगाहों के बीच महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करेगी। यह सेवा पंजाब के बॉर्डर जिलों (अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर) को प्रमुख शहरों और अंततः गुजरात बंदरगाहों से जोड़ेगी। इससे लॉजिस्टिक लागत में भारी कमी आएगी।
त्योहारों पर रिकॉर्ड ट्रेन सेवाएं
-छठ और दिवाली सीजन के लिए भारतीय रेलवे ने ऐतिहासिक इंतजाम किए हैं।
-पिछले साल: 7,724 विशेष ट्रेनें
-इस साल लक्ष्य: 12,000 विशेष ट्रेनें
-पहले ही 10,000 से अधिक यात्राएं अधिसूचित
-150 बिना आरक्षण वाली ट्रेनें तैयार
-50 अतिरिक्त ट्रेनें जल्द अधिसूचित होंगी
-यात्रियों की सबसे अधिक आवाजाही आमतौर पर 15 अक्तूबर से 15 नवंबर के बीच होती है। रेलवे इस भीड़ को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
‘रेलवे संचालन में बड़ा सुधार हुआ’
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बताया कि रेलवे संचालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। देश के 70 रेल मंडलों में से 29 ने 90% से अधिक समयपालन (पंक्चुअलिटी) हासिल किया है। कुछ मंडलों का समयपालन 98% से भी अधिक है। यह बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुव्यवस्थित योजना और सुचारू संचालन के कारण संभव हुआ है।