Site icon Dainik Savera Times

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने तय किया 1,200 किलोमीटर का सफर; 3,200 लीटर डीजल की बचत

नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन, जो 10-कोच मॉडल है और संचालन के दौरान केवल जलवाष्प उत्सर्जित करती है, ने सफलतापूर्वक 1,200 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया है। इस दौरान 3,200 लीटर से अधिक डीजल की बचत हुई। यह जानकारी रेलवे मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली रासायनिक प्रक्रिया से ट्रेन के भीतर ही बिजली पैदा होती है।

इस प्रक्रिया में उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प निकलता है। मंत्रालय ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया धुएं से मुक्त है और इसमें टेलपाइप कार्बन उत्सर्जन शून्य होता है। यही वजह है कि इसे वर्तमान समय की सबसे स्वच्छ रेल प्रोपल्शन तकनीक माना जा रहा है। ट्रेन के शुभारंभ के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बातचीत में कहा कि भारत ने इस स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन टैक्नोलॉजी के इंटैलैक्चुअल प्रॉपर्टी (आईपी) राइट्स अपने पास सुरक्षित रखे हैं, जिससे भविष्य में इस तकनीक का निर्यात भी किया जा सकेगा।

Exit mobile version