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16000KM प्रति घंटा की स्पीड, 1400KM की मारक क्षमता; जानें कितनी घातक है ईरान की हाइपरसोनिक Fatah-1 मिसाइल?

June 18, 2025

16000KM प्रति घंटा की स्पीड, 1400KM की मारक क्षमता; जानें कितनी घातक है ईरान की हाइपरसोनिक Fatah-1 मिसाइल?

इंटरनेशनल डेस्क : ईरान और इजरायल के बीच लगातार तनाव चरम पर है। हाल ही में ईरान की ओर से इजरायल के ऊपर अपनी फतह-1 हाइपरसोनिक मिसाइल से हमला किया गया है। यह मिसाइल ईरान की प्रमुख सैन्य ताकत मानी जाती है। इस मिसाइल की सुपरस्पीड, मारक क्षमता, सटीक निशाना और स्वदेशी तकनीक इसे अपने आप में खास बनाती है। इजरायल जैसे देशों के लिए इस मिसाइल को बड़ा खतरा माना जा रहा है, जो उनके डेवलप सिक्योरिटी सिस्टम्स को चकमा देने में कारगर है। ईरान की यह मिसाइल सबसे पहले 2023 में दुनिया के सामने आई थी। इस मिसाइल के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

2024 में हुआ पहली बार इस्तेमाल

इस मिसाइल को हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल माना जाता है, जिसे ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खास तौर पर अपने लिए डेवलप किया है। 2024 में इस मिसाइल को पहली बार ईरान ने इजरायल पर हमले में इस्तेमाल किया था। यह मिसाइल सतह से सतह पर हमला करने में कारगर है। इस मिसाइल की गति 16 हजार किलोमीटर से लेकर साढ़े 18 हजार किलोमीटर प्रति घंटे तक है, जो ध्वनि की गति से लगभग 13-15 गुना तक तेज होती है। इस मिसाइल को रोकना और ट्रैक करना आसान नहीं है। ईरान से इजरायल की राजधानी तेल अवीव तक यह मिसाइल सिर्फ 6-7 मिनट यानी 400 सेकेंड में पहुंच सकती है।

इस मिसाइल को उच्च तकनीक के नेविगेशन सिस्टम और सटीक गाइडेंस तकनीक से बनाया गया है, जो 10 मीटर के दायरे वाले किसी भी क्षेत्र को तबाह कर सकती है। इसका हमला अचूक होता है। यह मिसाइल वायुमंडल के अंदर और बाहर (एक्सो-एटमॉस्फेरिक) दोनों में हमला करने के साथ दुश्मन के रडार और डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है। एक बार में यह मिसाइल अपने साथ 460 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जा सकती है।

ईरान की स्वदेशी मिसाइल

ईरान ने इसे स्वदेशी तकनीक से डेवलप किया है। माना जाता है कि उत्तर कोरिया, चीन और रूस की कुछ तकनीकों का प्रयोग मिसाइल को बनाते समय किया गया है। इस मिसाइल को इजरायल के आयरन डोम और एरो-3 जैसे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती माना जाता है, क्योंकि ये छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों को रोकने में ही सक्षम हैं।

पिछले साल हमले में ईरान ने इजरायल पर 7 फतह-1 मिसाइलें दागी थीं। दावा है कि कुछ मिसाइलें डिफेंस सिस्टम को भेदने में सफल रही थीं। 14 जून 2025 के ताजा हमले की बात करें तो ईरान ने इजरायल पर 150 से अधिक मिसाइलें दागी थीं, इनमें फतह-1 भी शामिल थी। बता दें कि इजरायली हमले के विरोध में ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 शुरू किया है। हमले में तेल अवीव और अन्य शहरों में भारी नुकसान होने का दावा किया गया है।

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