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महिलाओं ने उतारे गहने…छोटी बच्चियों ने तोड़ डाली गुल्लक, ईरानी दूतावास ने मदद के लिए किया भारत का धन्यवाद

Iranian Embassy Thanks India

Iranian Embassy Thanks India

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग में बहुत नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान इस युद्ध में ईरान का हुआ है। इस मुश्किल समय में भारत ने ईरान की मदद की है। अब भारत में ईरानी दूतावास ने मदद के लिए धन्यवाद कहा है। दूतावास ने कहा कि हम आपकी दयालुता और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे धन्यवाद, भारत।

दरअसल ईद के मौके पर देश के मुस्लिम लोगों ने ईरान के लिए पैसों, तांबे के बर्तनों और गहनों का दान किया। छोटी बच्चियों ने अपनी गुल्लक तक तोड़ दी। ईरानी दूतावास ने लिखा- कृतज्ञता से भरे दिल के साथ, हम कश्मीर के दयालु लोगों का ईमानदारी से धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने मानवीय सहायता और दिल से समर्थन देकर ईरान के लोगों के साथ खड़े रहे। इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। धन्यवाद, भारत

महिला ने दान कर दी पति की आखिरी निशानी

दूतावास ने एक महिला के त्याग का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने अपने पति की निशानी के तौर पर रखा सोना दान कर दिया, जिनका निधन 28 साल पहले हो गया था। उन्होंने यह सोना ईरान के लोगों के लिए प्यार और एकजुटता से भरे दिल के साथ दान किया। आपके आंसू और पवित्र भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सांत्वना का सबसे बड़ा जरिया हैं और इन्हें कभी नहीं भुलाया जाएगा। धन्यवाद, कश्मीर धन्यवाद, भारत

 

दूतावास ने आगे कहा- यहां तक कि कश्मीरी बच्चे भी ईरान को तोहफे के तौर पर अपनी गुल्लकें दे रहे हैं। अल्लाह आपका भला करे।

बता दें बडगाम के स्थानीय लोगों ने खाड़ी युद्ध संकट के बाद ईरान को सोना, चांदी और नकद दान किया है। बडगाम के मोहसिन अली ने बताया कि मस्जिद इमाम जमान में हमने दान इकट्ठा करने के नेक मकसद से एक स्टॉल लगाया है। हमारी माताएं और बहनें गहने, तांबा और नकद दान कर रही हैं ताकि हम ईरान को उसकी मौजूदा स्थिति में मदद कर सकें। चूंकि वे समर्थन देने के लिए ईरान नहीं जा सकते, इसलिए वे कम से कम वित्तीय सहायता देकर ईरान का समर्थन कर सकते हैं और इंसानियत की सेवा कर सकते हैं।

 

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