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ISRO ने अंतरिक्ष में फसल उगाने जैसी तकनीक पर पाई सफलता

January 4, 2025

ISRO ने अंतरिक्ष में फसल उगाने जैसी तकनीक पर पाई सफलता

चेन्नई: अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में फसल उगाने और रोबोटिक वॉक जैसी तकनीकों पर सफलता पाई है। दोनों ही वैज्ञानिक प्रयोगों का उपयोग करके 31 दिसंबर, 2024 को स्पैडेक्स अंतरिक्ष डॉकिंग प्रौद्योगिकी मिशन के हिस्से के रूप में पीएसएलवी-सी 60 पर पीओईएम -4 के भाग के रूप में लॉन्च किया गया। इसरो ने कहा कि पीओईएम-4 पर चलने वाले रोबोटिक हाथ का प्रदर्शन अंतरिक्ष रोबोटिक्स में मेक इन इंडिया का एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है। एजैंसी ने कहा कि वैज्ञानिक प्रयोग क्रॉप्स का उपयोग करते हुए, इसरो ने फसलों की खेती करके नई अंतरिक्ष जीव विज्ञान तकनीक का अनावरण किया। पीएसएलवी-सी 60 चौथे चरण पर पीओईएम-4 के हिस्से के रूप में भेजे गए 24 वैज्ञानिक प्रयोगों में से एक का उपयोग करते हुए, लोबिया के बीज रिकॉर्ड 4 दिनों में अंकुरित हुए और जल्द ही पत्तियां आने की उम्मीद है।

इस प्रयोग का उद्देश्य, यह समझना था कि शून्य गुरुत्वाकर्षण में पौधे कैसे उगते हैं और उनका विकास किस प्रकार होता है। इससे अंतरिक्ष में दीर्घकालिक मिशनों के लिए आत्मनिर्भरता बढ़ सकती है, जैसे कि मंगल या चांद पर मानव बस्तियां स्थापित करना। पीएसएलवी-सी60 को नए साल की पूर्व संध्या पर 2 स्पैडेक्स उपग्रहों चार्जर और टारगेट के साथ लॉन्च किया गया था, दोनों का वजन 220 किलोग्राम था, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक का प्रदर्शन करना था। इसरो ने कहा कि दोनों उपग्रहों की डॉकिंग 7 जनवरी की सुबह होगी। इन उपलब्धियों से इसरो की अंतरिक्ष विज्ञान में तकनीकी क्षमता का एक और उदाहरण सामने आया है, जो भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को और अधिक उन्नत बनाने में मदद करेगा।

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