Jagannath Rath Yatra 2025 : भगवान जगन्नाथ की 148वीं रथ यात्रा अहमदाबाद में पारंपरिक उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ शुरू हो गई है। इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने परिवार के साथ श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित मंगला आरती में शामिल हुए और महाप्रभु के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रथ यात्रा का औपचारिक उद्घाटन किया और पारंपरिक पहिंद विधि का पालन करते हुए भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू रखकर यात्रा की शुरुआत की। इस विधि को सेवा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
मंगला आरती में अमित शाह हुए शामिल-
मंगला आरती के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘रथ यात्रा के पावन अवसर पर अहमदाबाद में श्री जगन्नाथ मंदिर की मंगला आरती में शामिल होना अपने आप में एक दिव्य और अलौकिक अनुभव है। मैंने महाप्रभु की मंगला आरती में शामिल होकर दर्शन और पूजा की। महाप्रभु सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।’
रथयात्रा के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर, अहमदाबाद की मंगला आरती में शामिल होना अपने आप में दिव्य और अलौकिक अनुभव होता है। आज महाप्रभु की मंगला आरती में शामिल होकर दर्शन-पूजन किया। महाप्रभु सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। pic.twitter.com/T3XDWbjQt1
— Amit Shah (@AmitShah) June 27, 2025
गृह मंत्री ने दी शुभकामनाएं-
इससे पहले अमित शाह ने देशवासियों को श्री जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। शाह ने एक्स पर लिखा, ‘जय जगन्नाथ!’ श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा आस्था और विश्वास का अनूठा संगम है, जो दर्शाता है कि भक्ति, संस्कृति और विरासत को एक साथ सहेजते हुए आगे बढ़ना हमारे लक्ष्य में है। मैं महाप्रभु जगन्नाथ, वीर बलभद्र और माता सुभद्रा से सभी के कल्याण और उन्नति की प्रार्थना करता हूं।’
भगवान को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर-
ओडिशा के पुरी की तरह अहमदाबाद में भी भगवान जगन्नाथ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अहमदाबाद में पहली बार गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा निभाई जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की पहिंद रस्म अदा की और मंदिर से भगवान के रथ को हरी झंडी दिखाई।
16Km की है यात्रा-
इस समय नगर नाथ जगन्नाथ नगर भ्रमण पर हैं। साल भर भक्त भगवान के दर पर आते हैं, लेकिन आज वह दिन है जब भगवान भक्त के घर जाते हैं। करीब 16 किलोमीटर की यह यात्रा शाम 6 बजे तक पूरी हो जाएगी। मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ है।

