
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार किया। यह चिट्ठी गृह मंत्रलय (एमएचए) को भेज दी गई है। जल्द ही इस पर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। यह घोषणा राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान हुई, जब भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी, जो उस समय सभापति की कुर्सी पर थे, ने बताया कि उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। धनखड़ मंगलवार को सदन की कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुए। वहीं, मंगलवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। सोशल मीडिया पर दोनों की मुलाकात की तस्वीर भी शेयर की गई। भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। देश के उपराष्ट्रपति का काम राज्यसभा को संभालना है।
अब तक जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की जिम्मेदारी संभाल रखी थी। उनके इस्तीफे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही उपसभापति के पास चली गई। जब तक नए उपराष्ट्रपति चुन नहीं लिए जाते हैं, तब तक उपसभापति ही उस पद को संभालते हैं। इस बीच कांग्रेस ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट से इस बारे में रहस्य और गहरा गया कि धनखड़ को पद क्यों छोड़ना पड़ा तथा ऐसे में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि धनखड़ के इस्तीफा देने के पीछे उनके द्वारा बताए गए स्वास्थ्य कारणों के अलावा कोई और अधिक गहरे कारण हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने धनखड़ के इस्तीफे के बाद मंगलवार को कहा कि उन्हें कई भूमिकाओं में देश की सेवा का मौका मिला है और वह उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उपराष्ट्रपति ने इस्तीफा क्यों दिया।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने उपराष्ट्रपति का त्यागपत्र देखा है। उन्होंने सरकार का आभार जताया है। लेकिन सरकार ने कोई टिप्पणी नहीं की। सरकार को कम से कम उनका धन्यवाद करना चाहिए था। वह इसके हकदार हैं।’ इससे पहले, रमेश ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘कल जगदीप धनखड़ ने दोपहर साढ़े 12 बजे राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की अध्यक्षता की। इसमें सदन के नेता जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू सहित अधिकतर सदस्य उपस्थित थे। कुछ चर्चा के बाद, कार्य मंत्रणा समिति ने शाम 4.30 बजे पुन: बैठक करने का निर्णय लिया।’ उन्होंने कहा, ‘शाम 4.30 बजे कार्य मंत्रणा समिति जगदीप धनखड़ की अध्यक्षता में पुन: एकत्रित हुई। बैठक में नड्डा और रिजिजू के आने का इंतजार हो रहा था। वे नहीं आए।’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि धनखड़ को व्यक्तिगत रूप से यह सूचित नहीं किया गया था कि दोनों वरिष्ठ मंत्री बैठक में शामिल नहीं हो रहे और धनखड़ को इसका बुरा लगा तथा फिर उन्होंने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक मंगलवार दोपहर 1 बजे के लिए पुनर्निर्धारित कर दी। रमेश ने दावा किया कि सोमवार दोपहर 1 बजे से शाम 4.30 बजे के बीच कुछ बहुत गंभीर घटना हुई जिसके कारण नड्डा और रिजिजू दूसरी कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में जानबूझकर अनुपस्थित रहे। उन्होंने कहा, ‘बेहद चौंकाने वाला कदम उठाते हुए जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने इसकी वजह अपनी सेहत को बताया है। हमें इसका मान रखना चाहिए लेकिन सच्चाई यह भी है कि इसके पीछे कुछ और गहरे कारण हैं।’
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