Jaipur Hospital Fire : राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल में रविवार देर रात एक भीषण अग्निकांड में 7 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर स्थित न्यूरो ICU वार्ड में हुआ, जहां रात करीब 11:20 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। हादसे में झुलसने और दम घुटने से जान गंवाने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
ICU में धुएं से मचा तांडव, मरीजों की गई जान
चश्मदीदों के अनुसार, आग सबसे पहले ICU के स्टोर रूम में लगी, जहां कागज़, मेडिकल उपकरण और ब्लड सैंपल ट्यूब्स रखे हुए थे। आग फैलने से पूरे वार्ड में ज़हरीला धुआं भर गया, जिससे ICU में भर्ती गंभीर मरीजों की सांसें थम गईं। हादसे के वक्त वार्ड में कुल 24 मरीज भर्ती थे। जैसे ही आग का पता चला, शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन तब तक कई मरीजों की हालत बिगड़ चुकी थी।
मौत के मुंह में पहुंचे मरीज, कई की हालत अब भी गंभीर
इस हादसे में 7 मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य की हालत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, जलकर खाक हुआ वार्ड अब पूरी तरह से अप्रचालित कर दिया गया है।
मृतकों के नाम (सरकारी पुष्टि अनुसार):
1. पिंटू (सीकर)
2. दिलीप (आंधी)
3. श्रीनाथ (भरतपुर)
4. रुक्मणि (भरतपुर)
5. खुशमा (भरतपुर)
6. बहादुर (सांगानेर)
“धुआं फैला और स्टाफ भाग खड़ा हुआ” – परिजनों का आरोप
मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे के समय ICU में कोई वार्ड ब्वॉय या मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। एक मृतक के भाई ने रोते हुए कहा- जब धुआं फैलना शुरू हुआ, तो स्टाफ मौके से गायब हो गया और मरीजों को बाहर निकालने में कोई मदद नहीं मिली। “अगर वक्त पर मदद मिल जाती, तो शायद जान बच जाती।”
मुख्यमंत्री पहुंचे अस्पताल, मुआवज़े और जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा मंत्री जवाहर सिंह बेधम मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख की सहायता राशि और घायलों को निशुल्क इलाज देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा,“SMS जैसा प्रतिष्ठित संस्थान ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं कर सकता। जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
SMS Hospital fire, Jaipur | Rajasthan Chief Minister Bhajanlal Sharma ordered an investigation into the incident. A committee has been announced for the investigation. The committee will be chaired by Iqbal Khan, Commissioner, Medical Education Department.
This committee will… pic.twitter.com/n0Ln6Unvfb
— ANI (@ANI) October 6, 2025
मृतक के भाई ने उठाए सवाल
जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल (एसएमएस) में लगी आग में अपने एक सदस्य को खोने वाले एक व्यक्ति ने कहा, “वह मेरी मौसी का बेटा था। वह 25 साल का था और उसका नाम पिंटू था। जब रात 11.20 बजे धुआँ निकला, तो हमने डॉक्टरों को बताया था कि मरीज़ों को समस्या हो सकती है। फिर धीरे-धीरे धुआँ बढ़ता गया। धुआँ बढ़ता गया, तो डॉक्टर और नीचे कंपाउंड में काम करने वाले सभी लोग चले गए। फिर अचानक इतना धुआँ हो गया कि हम मरीज़ों को निकाल नहीं पाए। फिर भी, हमने चार-पाँच मरीज़ों को निकाला। मेरी मौसी का बेटा वहाँ था। वह ठीक था। वे उसे एक-दो दिन में छुट्टी देने वाले थे।”
#WATCH | SMS Hospital fire, Jaipur | “… It was my aunt’s son. He was 25 years old and named Pintu… When smoke came out at 11.20 pm, we had informed the doctors that the patients might have problems. Then gradually the smoke increased. As the smoke increased, the doctors and… pic.twitter.com/sR3OuQ79Ku
— ANI (@ANI) October 6, 2025
आग पर काबू, लेकिन सवाल बरकरार
दमकल विभाग की 6 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब 1 घंटे में आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। फायर ब्रिगेड की प्रारंभिक रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट को कारण बताया गया है, लेकिन अब क्राइम ब्रांच और स्वतंत्र जांच कमेटी भी मामले की तकनीकी जांच करेगी।
SMS अस्पताल की साख पर सवाल
सवाई मान सिंह अस्पताल ना केवल जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है। यहां हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस हादसे ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...