ओटावा: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडा में आयोजित जी7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेते हुए हिंद-प्रशांत सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। बैठक का उद्देश्य वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए खुले व सुरक्षित जलमार्गों को बनाए रखना था। जयशंकर ने बताया कि उन्होंने ‘महासागर दृष्टिकोण’, हिंद-प्रशांत सहयोग और बंदरगाह-आधारित विकास पहलों के जरिये समुद्री सुरक्षा पर भारत की नीति प्रस्तुत की। उन्होंने विश्वसनीय और विविधीकृत समुद्री संपर्को की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि भारत अपने पोत-परिवहन ढांचे के आधुनिकीकरण और लचीले व्यापार गलियारों के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने समुद्री डकैती, तस्करी और अवैध मछली पकड़ने जैसे अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की जरूरत बताई। जयशंकर ने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मानवीय सहायता और आपदा राहत साङोदारी को मजबूत करना चाहता है। उन्होंने ‘समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि (यूएनसीएलओएस)’ के पालन की अहमियत दोहराते हुए भारत की नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
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