Jammu & Kashmir cloudburst : जम्मू और कश्मीर में बीती रात बादल फटने की दो दर्दनाक घटनाओं ने राज्यभर में तबाही मचाई है। इन घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है, लेकिन मौसम की स्थिति और भूस्खलन की घटनाओं ने काम में और मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
रामबन जिले में बादल फटने से तीन की मौत, पांच लापता
रामबन जिले के राजगढ़ तहसील के गडग्राम इलाके में देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तीन शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि पांच लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों की टीम भेजी गई है। राजगढ़ इलाके के लोग इस प्राकृतिक आपदा से सहमे हुए हैं, और प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया है ताकि लापता लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
#WATCH | रामबन, जम्मू-कश्मीर: राजगढ़ के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण चंदरकोट-राजगढ़ सड़क से संपर्क बाधित हो गया है। pic.twitter.com/lq4IFB8anD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 30, 2025
रियासी जिले में बादल फटने से सात की मौत
रियासी जिले के माहौर इलाके के बद्दर गांव में भी बादल फटने की घटना घटी है, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में एक परिवार के सभी सदस्य मलबे में दब गए, और कई घंटे बाद स्थानीय लोगों की मदद से शवों को निकाला गया। माहौर क्षेत्र के विधायक मोहम्मद खुर्शीद ने बताया कि घटना के वक्त परिवार के लोग अपने घर में सो रहे थे, और अचानक भारी मलबा उनके घर पर गिर पड़ा। विधायक ने यह भी बताया कि यह परिवार गरीब था।
घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
रामबन और रियासी जिलों में बादल फटने की घटनाओं के बाद, प्रशासन ने अपनी सारी ताकत राहत कार्यों में झोंक दी है। रामबन के उपायुक्त इलियास खान और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रात करीब 2 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया। स्थानीय अधिकारियों और बचाव दलों ने रातभर काम किया, और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की।
कश्मीर के अन्य जिलों में भी बादल फटने की घटनाएं
जम्मू और कश्मीर में बादल फटने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। किश्तवाड़, कठुआ और डोडा जिलों में भी बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा, इन जिलों में भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति भी बनी हुई है, जिससे राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। प्रशासन ने इन जिलों में भी रेड अलर्ट जारी कर दिया है, और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की संभावना जताई है।
प्राकृतिक आपदाओं के बीच प्रशासन की मुस्तैदी
कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं स्थानीय निवासियों के लिए जीवन और मौत का सवाल बन गई हैं। प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन खराब मौसम और भूस्खलन ने राहत कार्यों को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

