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झारखंड में एयर एंबुलेंस क्रैश: जांच में जुटी टीमें, मृतकों के नाम आए सामने

Jharkhand air ambulance crash

Jharkhand air ambulance crash

Jharkhand air ambulance crash: झारखंड के चतरा जिले में मंगलवार शाम एक दर्दनाक विमान हादसे में एयर एंबुलेंस में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। हादसा सिमरिया ब्लॉक के कसरिया गांव के जंगल क्षेत्र में हुआ, जहां विमान का मलबा बिखरा मिला। रेस्क्यू टीम ने देर रात तक अभियान चलाकर सभी शव बरामद कर लिए, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

उड़ान के 23 मिनट बाद टूटा संपर्क
जानकारी के अनुसार, एयर एंबुलेंस ने शाम 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। इसे रात करीब 8:30 बजे दिल्ली पहुंचना था। लेकिन उड़ान भरने के लगभग 23 मिनट बाद, 7:34 बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से विमान का संपर्क टूट गया। इसके कुछ ही देर बाद चतरा के सिमरिया इलाके में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। प्राथमिक आशंका है कि खराब मौसम या तकनीकी खराबी के कारण विमान हादसे का शिकार हुआ। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

एयर एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था बर्न मरीज
यह विमान एक चार्टर एयर एंबुलेंस था, जो रांची में भर्ती एक बर्न इंजरी के मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था। विमान में दो क्रू मेंबर समेत कुल सात लोग सवार थे।

मृतकों की सूची:

कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट)
कैप्टन सवराजदीप सिंह (को-पायलट)
– संजय कुमार (मरीज)
अर्चना देवी (परिजन)
ध्रुव कुमार (परिजन)
डॉ. विकास कुमार गुप्ता
सचिन कुमार मिश्रा (पारा मेडिकल स्टाफ)

हादसे में किसी के भी बचने की संभावना नहीं रही। स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल क्षेत्र से धुआं उठता देखा, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई।

जांच के लिए पहुंचेगी सिविल एविएशन टीम
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी मामले का संज्ञान लिया है। बुधवार को सिविल एविएशन की टीम चतरा पहुंचेगी और ब्लैक बॉक्स की तलाश की जाएगी। दुर्घटनाग्रस्त विमान VT-AJV पंजीकरण संख्या वाला बीचक्राफ्ट किंग एयर BE9L था, जो रेडबर्ड एयरवेज कंपनी की एयर एंबुलेंस सेवा के तहत संचालित हो रहा था। हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जाएगी।

शोक की लहर
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। एक ओर जहां एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, वहीं यह सफर सभी के लिए आखिरी साबित हुआ। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा मौसम की मार था या किसी तकनीकी खामी का परिणाम। फिलहाल, पूरा प्रदेश इस त्रासदी से स्तब्ध है।

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