नेशनल डेस्क: केरलम के चेरानेल्लूर इलाके में रविवार तड़के हुए एक सड़क हादसे में 54 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई। आरोप है कि हादसे के समय तेज रफ्तार मर्सिडीज-बेंज कार एक एडिशनल सेशन जज का नाबालिग बेटा चला रहा था। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मृतक के परिवार में नाराजगी है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
काम खत्म कर घर लौट रहा था मृतक
जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार तड़के करीब 2 से 3 बजे के बीच चेरानेल्लूर के पास हुआ। मृतक एक फूड स्टॉल चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। उसकी भतीजी के मुताबिक, हादसे के समय वह अपना काम खत्म करके स्कूटर से घर लौट रहा था। इसी दौरान मर्सिडीज-बेंज कार की टक्कर से उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि कार काफी तेज रफ्तार में थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उस पर रखा सामान सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गया। हादसे में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस स्टेशन में जज के व्यवहार पर परिवार ने जताई नाराजगी
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो उन्होंने जज से सवाल किया कि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को कार चलाने की अनुमति क्यों दी। परिवार का दावा है कि इस दौरान जज ने उनसे कथित तौर पर बदतमीजी की और अपमानजनक तरीके से बात की। परिवार ने इस व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए आगे बढ़ेंगे। उनका कहना है कि सड़क पर वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना जरूरी है और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाना गंभीर लापरवाही है।
जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी मर्सिडीज-बेंज कार
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे में शामिल मर्सिडीज-बेंज कार संबंधित एडिशनल सेशन जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पुलिस दुर्घटना की परिस्थितियों, कार कौन चला रहा था और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

