भिवाड़ी। यहां टूटते रिश्तों, मानसिक तनाव और गुस्से का खतरनाक अंजाम देखने को मिला। आठ महीने की एक मासूम, जिसने अभी ठीक से देखना भी शुरू नहीं किया था, सगी मां के हाथों जिंदगी की जंग हार गई। मामला महिला के मायके जाने का था।
बेटी को पिला दिया तेजाब
बताया जा रहा है कि श्रमिक कॉलोनी में रहने वाली महिला अपने मायके जाने की जिद कर रही थी। पति सोलर कंपनी में मार्केटिंग का काम करता है। उसने कहा कि उसे छुट्टी नहीं मिल रही। छुट्टी मिलते ही वह उसे मायके छोड़ आएगा। उसकी बात पूरी नहीं हुई तो उसने आवेश में अपनी आठ माह की बेटी को तेजाब पिला दिया। मासूम की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। यहां वह मासूम बच्ची जिंदगी की जंग हार गई।
सोलर कंपनी में काम करता है पिता
यह घटना है कैप्टन चौक स्थित श्रमिक कॉलोनी में रहने वाली एक महिला की। गंभीर हालत में बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिनों तक अलवर के शिशु चिकित्सालय के आईसीयू में जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद बुधवार को उसकी मौत हो गई। मोहित ने पत्नी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। बच्ची का पिता मोहित मूल रूप से नगर के रहने वाला है। वह कंपनी में मार्केटिंग का काम करता है। घटना के समय वह काम पर गया था, जबकि घर पर उसकी पत्नी सपना और आठ माह की बच्ची मौजूद थीं।
दो दिन लड़ती रही जिंदगी की जंग
आरोप है कि उसके जाने के बाद गुस्से में पत्नी ने घर में रखा तेजाब अपनी ही मासूम बच्ची को पिला दिया। तेजाब पीते ही बच्ची की हालत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे भिवाड़ी के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर अलवर के गीतांजलि शिशु अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में दो दिनों तक बच्ची का आईसीयू में इलाज चला, लेकिन बुधवार को उसने दम तोड़ दिया। भिवाड़ी फेज थर्ड थाना थाना प्रभारी प्रदीप नेहरा ने बताया कि बच्ची का अलवर में पोस्टमार्टम करा शव स्वजन को सौंप दिया है।
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